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RAM और ROM में क्या अंतर है, हिंदी में जानकारी

RAM और ROM में क्या अंतर है 
किसी भी कंप्यूटर को ऑपरेट करने के लिए मेमोरी की आवश्यकता होती है। मेमोरी में उपस्थित कमांड्स ही कंप्यूटर को दिशा निर्देश देते हैं जिससे कि वह सुचारु रूप से काम कर पाता है और इच्छित परिणाम देता है। कंप्यूटर या मोबाइल की मेमोरी में ही उसके फंक्शन से सम्बंधित सारी सूचनाएं उपस्थित होती हैं। कंप्यूटर में मेमोरी दो तरह की होती है एक RAM तथा दूसरी ROM, दोनों ही मेमोरी मिलकर कंप्यूटर या मोबाइल को ऑपरेट करने में मदद करती हैं। RAM और ROM हैं तो दोनों मेमोरी किन्तु दोनों के फंक्शन, बनावट और क्षमता सहित कई अंतर होते हैं। 

RAM क्या होता है कंप्यूटर में आमतौर पर दो प्रकार की मेमोरी होती है एक फिक्स्ड या स्थाई मेमोरी और दूसरी अस्थाई मेमोरी। यह एक चिप के रूप में होता है। RAM कंप्यूटर में एक अस्थाई मेमोरी के रूप में काम करता है। इसमें उपस्थित सभी DATA या INFORMATION तभी तक रहते हैं जबतक कंप्यूटर ऑन रहता है। जैसे ही कंप्यूटर ऑफ होता है इसमें उपस्थित सभी डाटा डिलीट हो जाता है। यही कारण है कि इसे Volatile Memory कहा जाता है। वास्तव में कंप्यूटर के CPU में वर्तमान में जो कार्य…

गूगल, वेब और इंटरनेट में क्या फर्क है?


                 गूगल, वेब और इंटरनेट में क्या फर्क है?

बहुत सारे लोग सोचते हैं कि गूगल, इंटरनेट और वेब तीनों एक ही चीजें हैं। उन्हें लगता ही चाहे गूगल कह लो, चाहे नेट कह लोग या फिर चाहे बोल लो वेब, बात तो एक ही है। मगर असल में ऐसा नहीं होता है!


बोलचाल की भाषा में हम बोलने को चाहे कुछ भी कहें मगर इन तीनों चीजों में जमीन-आसमान का फर्क होता है। तो अगर आप भी उन लोगों में एक हैं जिन्हें लगता है कि गूगल, वेब और नेट तीनों एक ही चीज हैं, तो इस पोस्ट को जरूर पढिए। क्योंकि इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आप इन तीनों के बीच का अंतर अच्छी तरह जान जाएंगे।

Social Media, Connections, Networking


क्या इंटरनेट, वेब और गूगल एक ही चीज हैं?
Difference Between Google, Internet And Web in Hindi

इंटरनेट (Internet)-
इंटरनेट का आविष्कार 1960 के दशक में अमरीकी सेना द्वारा कंप्यूटरों को जोड़ने के लिए ArpaNet Project के तहत किया गया था। 1980-90 के दशक में व्यक्तिगत कंप्यूटरों में आई क्रांति से इंटरनेट को खूब मजबूती मिली और लोगों ने टेलीफोन लाइनों के द्वारा अपने कंप्यूटरों को इंटरनेट से जोड़ना शुरू कर दिया।

"इंटरनेट दो या दो से अधिक कंप्यूटरों का समूह है जो एक-दूसरे के मध्य संचार स्थापित करने के उद्देश्य से आपस में जोड़े जाते हैं।"

सरल भाषा में कहा जाये तो इंटरनेट एक ऐसी चीज है जो दो या दो से ज्यादा कंप्यूटरों के मध्य संचार स्थापित करती है जिससे कि वे दोनों आपस में फ़ाइल या किसी प्रकार का कोई अन्य डाटा साझा कर पाएं।

आज इंटरनेट बहुत विस्तृत हो चुका है और इसके साथ दुनिया के करोड़ों कंप्यूटर यंत्र जुड़ चुके हैं। इंटरनेट के अंतर्गत टेलीफोन लाइने, वर्ल्ड वाइड वेब, लेन (लोकल एरिया नेटवर्क) और मेन (मेट्रो एरिया नेटवर्क) जैसी चीजें आती हैं।

Monitor, Binary, Binary System, Computer

वेब (Web)-
वेब की स्थापना इंटरनेट की स्थापना के करीब 30 साल बाद 1989 में हुई। वेब जिसे वर्ल्ड वाइड वेब (www) भी कहा जाता है महान कंप्यूटर वैज्ञानिक टिम बरनर्स ली के द्वारा बनाया गया था।

"वेब इंटरनेट का वह हिस्सा है जिसमें सार्वजनिक जानकारियाँ स्टोर होती हैं और जिन्हें बिना किसी पासवर्ड के कोई भी व्यक्ति आसानी से एक्सेस कर सकता है।"

अब देखिए कुछ जानकारियाँ ऐसी होती हैं जिन्हें एक्सेस करने यानि जानने के लिए हमें पासवर्ड की जरूरत पड़ती है। जैसे, उदाहरण के लिए अगर आप यह जानना चाहते हैं आपको किसी ने फेसबूक, व्हाट्सअप या ईमेल पर क्या संदेश भेजा है तो इसके लिए आपको पासवर्ड की आवश्यकता होगी। यानि हमारे संदेश सार्वजनिक (public) नहीं हैं। अब क्योंकि उन्हें हर कोई सार्वजनिक रूप से एक्सेस नहीं कर सकता है इसलिए वे वर्ल्ड वाइड वेब (web) के अंतर्गत नहीं आते हैं। हालांकि वे इंटरनेट का ही एक हिस्सा हैं।

वर्ल्ड वाइड वेब के अंतर्गत वे चीजें आती हैं जिन्हें कोई भी व्यक्ति बिना पासवर्ड के सार्वजनिक रूप से एक्सेस कर सकता है। जैसे- "नरेंद्र मोदी कौन है?" इसके बारे में आप गूगल से आसानी से पता लगा सकते हैं इसलिए यह www के अंतर्गत आता है। लेकिन नरेंद्र मोदी के ट्विटर का पासवर्ड क्या है इसे आप गूगल के द्वारा पता नहीं लगा सकते हैं इसलिए यह www के अंतर्गत नहीं आता है हालांकि यह इंटरनेट का ही एक अभिन्न अंग है।



इंटरनेट के अंतर्गत हर प्रकार के डाटा और नेटवर्किंग से संबंधित चीजें आती हैं जबकि वेब के अंतर्गत सिर्फ वही चीजें आती हैं जिनका प्रयोग सार्वजनिक रूप से किया जा सकता है।

सर्च इंजन/गूगल (Google)-
सर्च इंजनों का आविष्कार वेब के आने के 2-3 सालों के बाद हुआ। दरअसल सर्च इंजनों को वेब को सही से चलाने के उद्देश्य से ही बनाया गया था।

सर्च इंजनों के जमाने से पहले अगर हमें वेब पर कोई जानकारी ढूंढनी होती थी तो हमें अलग-अलग वेबसाइटों में जाकर उसे ढूंढना पड़ता था। मगर सर्च इंजनों के आ जाने के बाद हमारा काम आसान हो गया। अब हमें जानकारी ढूनदने के लिए अलग-अलग वेबसाइटों में जाकर ढूंढने की कोई जरूरत नहीं हैं। क्योंकि गूगल जैसे स्मार्ट सर्च इंजन अपने आप ही हजारों वेबसाइटों का विश्लेषण करके हमारे सामने सही जवाब दिखा देते हैं जिससे हमारा कीमती वक्त और मेहनत दोनों बच जाती है।

"गूगल (सर्च इंजन) एक ऐसा साधन है जो वेब में से हमारी जरूरत की जानकारियों के ढूंढने के काम आता है।"

हमेशा ध्यान रखिए गूगल के पास अपना खुद का कोई ज्ञान नहीं है। वह तो बस वेब पर मौजूद वेबसाइटों में जाकर आपके सवालों के जवाब ढूंढता है और आपको सही जवाब दिखाता है।

Mac, Freelancer, Macintosh, Macbook


इंटरनेट, वेब और सर्च इंजनों में कुछ महत्वपूर्ण अंतर-

1. इंटरनेट एक दूसरे से जुड़े कंप्युटरों का समूह है जबकि वेब उन कंप्यूटरों के द्वारा सार्वजनिक रूप से जमा की गई जानकारी का स्थान है। और सर्च इंजन वे साधन हैं जो वेब में जाकर हमारे उपयोग की जानकारी निकालते हैं।

2. इंटरनेट एक बहुत ही विस्तृत चीज हैं। वेब इंटरनेट का ही एक हिस्सा है जिसमें वेबसाइटों की सार्वजनिक जानकारी रखी होती है। जबकि सर्च इंजन बस उस जानकारी को लोगों को एक अच्छे अंदाज में परोसने का काम करते हैं।

3. इंटरनेट एक इंफ्रास्ट्रक्चर के जैसे काम करता है जबकि वेब उस इंफ्रास्ट्रक्चर के ऊपर दी जाने वाली सेवा के रूप में और सर्च इंजन वेब को एक व्यवस्थित क्रम में लगाने के काम आते हैं।


निष्कर्ष-
वेब, इंटरनेट और गूगल ये तीनों शब्दः लगते तो एक जैसे हैं मगर इनमें काफी फरक है। उम्मीद है कि इस पोस्ट के द्वारा इन तीनों के बीच के अंतर को अच्छे से जान गए होंगे। अगर आपको अभी भी इस बारे में कोई संदेह है तो आप हमें कमेन्ट बाक्स के माध्यम से बता सकते हैं। साथ ही साथ अगर आपको लगता है कि इसमें कुछ और अंतर भी जोड़े जा सकते हैं तो हमें टिप्पणी बॉक्स के माध्यम से जरूर अवगत करें। धन्यवाद।

लेखक-

नवीन सिंह रांगड़ एक कंप्युटर साइंस स्टूडेंट हैं जो अपने खाली समय में ब्लॉगिंग भी करते हैं। उन्हें Internet, Technology और Bloggging, SEO जैसी चीजों के बारे में लिखना पसंद हैं। ज्यादा जानकारी के लिये आप इनके ब्लॉग सोचोकुछनया.कॉम पर विज़िट कर सकते हैं।

यह भी पढ़ें 

Sign In और Log In में क्या अंतर है


Comments

  1. आलेख प्रकाशित करने के लिए शुक्रिया अखिलेश जी।

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    1. धन्यवाद और शुभकामनायें 

      Delete

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