Skip to main content

RAM और ROM में क्या अंतर है, हिंदी में जानकारी

RAM और ROM में क्या अंतर है 
किसी भी कंप्यूटर को ऑपरेट करने के लिए मेमोरी की आवश्यकता होती है। मेमोरी में उपस्थित कमांड्स ही कंप्यूटर को दिशा निर्देश देते हैं जिससे कि वह सुचारु रूप से काम कर पाता है और इच्छित परिणाम देता है। कंप्यूटर या मोबाइल की मेमोरी में ही उसके फंक्शन से सम्बंधित सारी सूचनाएं उपस्थित होती हैं। कंप्यूटर में मेमोरी दो तरह की होती है एक RAM तथा दूसरी ROM, दोनों ही मेमोरी मिलकर कंप्यूटर या मोबाइल को ऑपरेट करने में मदद करती हैं। RAM और ROM हैं तो दोनों मेमोरी किन्तु दोनों के फंक्शन, बनावट और क्षमता सहित कई अंतर होते हैं। 

RAM क्या होता है कंप्यूटर में आमतौर पर दो प्रकार की मेमोरी होती है एक फिक्स्ड या स्थाई मेमोरी और दूसरी अस्थाई मेमोरी। यह एक चिप के रूप में होता है। RAM कंप्यूटर में एक अस्थाई मेमोरी के रूप में काम करता है। इसमें उपस्थित सभी DATA या INFORMATION तभी तक रहते हैं जबतक कंप्यूटर ऑन रहता है। जैसे ही कंप्यूटर ऑफ होता है इसमें उपस्थित सभी डाटा डिलीट हो जाता है। यही कारण है कि इसे Volatile Memory कहा जाता है। वास्तव में कंप्यूटर के CPU में वर्तमान में जो कार्य…

लेज़र प्रिंटर और इंकजेट प्रिंटर में क्या अंतर है



लेज़र प्रिंटर और इंकजेट प्रिंटर में क्या अंतर है 



कंप्यूटर के प्रयोग करते समय हमें कई बार कई चीजों के प्रिंट करने की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में हमारे पास प्रिंट के लिए कई तरह के प्रिंटर उपलब्ध होते हैं। इन प्रिंटरों में कुछ लेज़र प्रिंटर होते हैं तो कुछ इंकजेट प्रिंटर। कई जगहों पर तो डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर का प्रयोग किया जाता है। इन प्रिंटरों का चुनाव प्रयोग हम अपनी आवश्यकतानुसार करते हैं। ये सारे प्रिंटर अपने अपने उद्द्येश्यों के लिए उपयोगी हैं। अतः जब जैसी आवश्यकता होती है उसी के अनुसार प्रिंटर का चुनाव करना चाहिए। आज के इस पोस्ट में हम लेज़र प्रिंटर और इंकजेट प्रिंटर के बारे में जानेंगे और साथ में यह भी जानेंगे कि लेज़र प्रिंटर और इंकजेट प्रिंटर में क्या अंतर है

Printer, Document, Machine, Technology

लेज़र प्रिंटर क्या है
लेजर प्रिंटर एक प्रकार का कंप्यूटर प्रिंटर है जो आमतौर पर कार्यालयों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में विभिन्न कागजातों को प्रिंट करने के लिए प्रयोग में लाया जाता है। लेज़र प्रिंटर एक तीव्र गति से चलने वाला प्रिंटर होता है जिसकी प्रिंटिंग क्वालिटी काफी बेहतर और किफायती होती है। इस प्रिंटर में एक लेज़र किरण की स्कैनिंग के द्वारा छवि उत्पन्न की जाती है।


लेज़र प्रिंटर का इतिहास और अविष्कार  


लेज़र प्रिंटर का आविष्कार 1969 ईस्वी में गैरी स्टार्कवेदर के द्वारा किया गया था किन्तु इसका पहला वाणिज्यिक प्रयोग 1976 में IBM मॉडल 3800 था जिसका प्रयोग पत्र तथा अन्य दस्तावेजों के मुद्रण में किया जाता था। किसी ऑफिशल प्रयोग के लिए बनाया गया सबसे पहला लेज़र प्रिंटर 1981 में बना ज़ेरॉक्स स्टार 8010 था। इसके बाद 1984 में आया HP लेज़र जेट 8 ppm जिसमे कैनन इंजन का प्रयोग किया गया था। इसके बाद तो लेज़र प्रिंटर के एक से बढ़ कर एक मॉडल बाजार में आने लगे जो अपनी फ़ास्ट और स्पष्ट प्रिंटिंग के लिए लोकप्रिय होने लगे। 

Laser Printer, Printer

लेज़र प्रिंटर कैसे काम करता है 

लेज़र प्रिंटर में प्रिंट किये जाने वाले पेज का एक इमेज एक घूमते हुए आवेशित ड्रम जिसपर सेलेनियम परत चढ़ी होती है उसपर एक लेज़र किरण के रूप में प्रक्षेपित की जाती है। अब प्रकाश चालकता प्रकाश वाले क्षेत्रों से आवेश को हटा देती है और टोनर के अंदर कार्बन पाउडर ड्रम के आवेशित क्षेत्रों द्वारा चिपका लिए जाते हैं जो ऊष्मा की वजह से उस ड्रम के संपर्क में आये कागज़ पर आ जाते हैं और इस प्रकार वह इमेज कागज पर छाप जाता है। 


लेज़र प्रिंटर का कार्टरिज 


लेज़र प्रिंटर में स्याही की जगह कार्बन पाउडर या डस्ट का प्रयोग किया जाता है जिसे ड्रम के अंदर भरा जाता है। लेज़र प्रिंटर की प्रिंटिंग क्वालिटी काफी अच्छी और फ़ास्ट होती है। इसके साथ ही लेज़र प्रिंटर से प्रिंटिंग काफी सस्ता होता है। यही कारण है इस प्रिंटर का प्रयोग कार्यालयों में बहुत अधिक होता है।

इंकजेट प्रिंटर किसे कहते हैं

इंकजेट प्रिंटर कंप्यूटर प्रिंटर का ही एक प्रकार है जिसमे छवियों को प्रिंट करने के लिए सैकड़ों टाइनी गन्स के द्वारा कागज पर इंक के बौछार कराया जाता है। यद्यपि इंकजेट प्रिंटर की प्रिंटिंग थोड़ी स्लो होती है तो भी यह एक सस्ता और काफी लोकप्रिय कंप्यूटर प्रिंटर है।

इंकजेट प्रिंटर का अविष्कार 


दुनियां का पहला इंकजेट प्रिंटर इचिरो इंडो के द्वारा जापान में बनाया गया था। बाद में 1976 में हेवलेट पैकर्ड के द्वारा इसका विकास किया गया। और धीरे धीरे विभिन्न चरणों में यह आज के इंकजेट प्रिंटर की अवस्था में पंहुचा। 




Printer, Computer, Hardware, Inkjet

इंकजेट प्रिंटर कैसे काम  करता है 

इंकजेट प्रिंटर का प्रयोग ज्यादातर फोटो प्रिंट करने के लिए किया जाता है। इंकजेट प्रिंटर में प्रिंट के लिए काली तथा तीन आधार रंगों की इंक की बोतल रखी रहती है जिन्हे कार्ट्रिज कहते हैं। इसके साथ ही इसमें एक प्रिंटर हेड होता है जिसमे 64 छोटे छोटे नोज़ल होते हैं। प्रिंट के समय इसमें इलेक्ट्रिक फील्ड के माध्यम से इंक की बूंदों को नोज़ल जेट की सहायता से कागज पर स्प्रे कराया जाता है जिससे कागज पर छवि प्राप्त होती है।
इंकजेट प्रिंटर में नोज़ल के स्प्रे की क्षमता 250 करैक्टर पैर सेकंड होती है। इंकजेट प्रिंटर 300 से लेकर 600 Dpi तक के रेजोल्यूशन में प्रिंट कर सकता है।


लेज़र प्रिंटर और इंकजेट प्रिंटर में क्या अंतर है

  • लेज़र प्रिंटर में प्रिंट के लिए टोनर का प्रयोग किया जाता है जिसमे कार्बन डस्ट होता है वहीँ इंकजेट प्रिंटर में इंक कार्ट्रिज का प्रयोग किया जाता है।
  • लेज़र प्रिंटर का प्रयोग ज्यादातर टेक्स्ट डॉक्यूमेंट की प्रिंट निकलने के लिए किया जाता है वहीँ इंकजेट प्रिंटर का प्रयोग कलर इमेज और डॉक्यूमेंट दोनों के लिए किया जाता है।
Color, Laser, Print, Printer, Printer

  • लेज़र प्रिंटर की क्वालिटी और स्पीड (20 पेज प्रति मिनट)काफी अच्छी होती है जबकि इंकजेट प्रिंटर की स्पीड स्लो होती है। यह करीब 6 पेज प्रति मिनट होती है।
  • लेज़र प्रिंटर की छपाई सस्ती पड़ती है जबकि इंकजेट प्रिंटर का मुद्रण थोड़ा महंगा पड़ता है।
  • लेज़र प्रिंटर की रिफिलिंग सस्ती होती है जबकि इंकजेट प्रिंटर की रिफिलिंग थोड़ी मंहंगी होती है।
  • लेज़र प्रिंटर की कीमत इंकजेट प्रिंटर की तुलना में अधिक होती है।
  • लेज़र प्रिंटर साइज में बड़े होते है जबकि इंकजेट प्रिंटर कम जगह घेरता है।


  • ब्लैक एंड वाइट प्रिंट के लिए लेज़र प्रिंटर काफी अच्छा माना जाता है वहीँ कलर प्रिंटिंग के लिए इंकजेट प्रिंटर अच्छा माना जाता है।

उपसंहार:

इस प्रकार हम देखते हैं कि लेज़र प्रिंटर अपने फ़ास्ट और किफायती प्रिंट के लिए उन जगहों पर ज्यादा प्रयोग किया जाता है जहाँ प्रायः ब्लैक एंड वाइट प्रिंटिंग की जरुरत होती है और ज्यादा मात्रा में प्रिंट की आवश्यकता होती है। इंकजेट प्रिंटर का प्रयोग प्रायः फोटो को प्रिंट करने के लिए किया जाता है। लेज़र प्रिंटर के कार्ट्रिज में चुकि कार्बन डस्ट का प्रयोग किया जाता है अतः इसकी रिफिलिंग काफी सस्ती होती है वहीँ इंकजेट प्रिंटर के इंक की कीमत ज्यादा होती है। दोनों ही प्रिंटर अपने अपने उद्द्येश्यों में काफी सफल हैं और इसलिए लोकप्रिय भी हैं।

Comments

Popular posts from this blog

आमंत्रण और निमंत्रण में क्या अंतर है

किसी भी भाषा में कई शब्द ऐसे होते हैं जो सुनने या देखने में एक सामान लगते हैं। यहाँ तक कि व्यवहार में भी वे एक सामान लगते हैं। और कई बार इस वजह से उनके प्रयोग में लोग गलतियां कर बैठते हैं। आमंत्रण और निमंत्रण भी इसी तरह के शब्द हैं। अकसर लोगों को आमंत्रण की जगह निमंत्रण और निमंत्रण की जगह आमंत्रण का प्रयोग करते हुए देखा जाता है। हालांकि दोनों के प्रयोग में मंशा किसी को बुलाने की ही होती है अतः लोग अर्थ समझ कर उसी तरह की प्रतिक्रिया करते हैं अर्थात उनके यहाँ चले जाते हैं और कोई बहुत ज्यादा परेशानी नहीं होती है। किन्तु यदि शब्दों की गहराइयों में जाया जाय तो दोनों शब्दों में फर्क है और दोनों के प्रयोग करने के अपने नियम और सन्दर्भ हैं। 

आमंत्रण और निमंत्रण में क्या अंतर है

आमंत्रण और निमंत्रण दोनों शब्दों में मन्त्र धातु का प्रयोग किया गया है जिसका अर्थ है मंत्रणा करना अर्थात बात करना या बुलाना होता है परन्तु "आ" और "नि" प्रत्ययों की वजह से उनके अर्थों में थोड़ा फर्क आ जाता है। 



इन दोनों में अंतर को शब्दकल्पद्रुम शब्दकोष से अच्छी तरह समझा जा सकता है 
"अत्र यस्याकारणे प…

विकसित और विकासशील देशों में क्या अंतर है ?

समाचारपत्रों, पत्रिकाओं और रेडियो टीवी न्यूज़ में जब भी किसी देश की चर्चा होती है तब एक शब्द अकसर प्रयोग किया जाता है विकसित देश या विकासशील देश। भारत के सन्दर्भ में अकसर विकासशील शब्द का प्रयोग किया जाता है। विकसित और विकासशील शब्दों से कुछ बातें तो समझ में आ ही जाती है कि वैसे देश जो काफी विकसित हैं उनको विकसित देश तथा वे देश जो विकास की प्रक्रिया में हैं उनको विकासशील देश कहा जाता है किन्तु आईये देखते हैं दोनों में बुनियादी अंतर क्या है।
संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा विश्व के देशों को उनकी मानव विकास सूचकांक HDI ,जीडीपी, प्रति व्यक्ति आय, जीवन स्तर, शिक्षा का स्तर, मृत्यु दर आदि के आधार पर दो वर्गों में बांटा गया है विकसित  देश और विकासशील देश। विकसित देशों में प्रति व्यक्ति आय अधिक होने की वजह से जीवन स्तर उच्च होता है।  बेरोजगारी, भुखमरी, कुपोषण आदि समस्याएं प्रायः नहीं होती है। ऐसे देशों में आधारभूत संरचनाओं का जाल बिछा होता है और ये देश औद्योगीकरण के मामले में भी काफी समृद्ध होते हैं। अमेरिका, जापान, फ्रांस, जर्मनी आदि इन्हीं देशों की श्रेणी में आते हैं।
विकासशील देश ठीक इसके उलट कई …

Android Mobile Aur Windows Mobile Phone Me Kya Antar Hai Hindi Me Jankari

सुचना क्रांति के इस दौर ने हर हाथ में मोबाइल फोन पंहुचा दिया है। मोबाइल ने भी काफी विकास कर लिया है और वह स्मार्ट फोन बन चूका है। जब से बाजार में स्मार्ट मोबाइल फोन्स का दौर चला है तब से एक चर्चा और भी चली है एंड्राइड फोन और विंडोज फोन। एंड्राइड फोन बेहतर कि विंडोज फोन। लोग अक्सर कन्फ्यूज्ड हो जाते हैं आखिर दोनों में अंतर क्या है? स्मार्ट फोन को स्मार्ट बनाने के लिए उसे एक ओएस यानि ऑपरेटिंग  सिस्टम की आवश्यकता होती है। यही ओएस उसे एंड्राइड या विंडोज फोन बनाता है। वास्तव में ओएस एक सॉफ्टवेयर प्रोग्राम है जो यूजर और हार्डवेयर के बीच एक इंटरफ़ेस का काम करता है। यही ओएस मोबाइल को यूजर फ्रेंडली बनाता है। ओएस की मदद से ही हम मोबाइल या कंप्यूटर चला पाते हैं। 
एंड्राइड मोबाइल फोन क्या है ? वैसे मोबाइल फोन जिसमे ऑपरेटिंग सिस्टम के रूप में एंड्राइड ऑपरेटिंग सिस्टम यानि एंड्राइड सॉफ्टवेयर का प्रयोग किया जाता है एंड्राइड मोबाइल कहलाते हैं। यह ओपन सोर्स कोड पर आधारित होता है जिसके लिए लाखों ऍप्लिकेशन्स उपलब्ध है।  
विंडोज मोबाइल फोन क्या है ? वैसे स्मार्ट फोन जो सुचारु रूप से काम करने के लिए विंडोज ऑपरेट…