RPF Aur GRP Me Kya Antar Hai

आरपीएफ और जीआरपी में क्या अंतर है


रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा के लिए अकसर पुलिस वाले दीखते हैं जो वर्दियों में यात्रियों और स्टेशन की सुरक्षा के लिए तैनात होते हैं। ये सुरक्षाबल या तो RPF के जवान होते हैं या फिर GRP के। अकसर लोग कन्फ्यूज्ड हो जाते हैं आखिर रेलवे स्टेशनों पर ये दो तरह के सुरक्षा बल क्यों होते हैं। एक ही जगह दो तरह के पुलिस की क्या आवश्यकता है और ये RPF और GRP में अंतर क्या है ? आईये इस पोस्ट के माध्यम से जानें RPF और GRP क्या हैं और इनमे क्या अंतर है ?


File:Police cap.jpg - Wikipedia

RPF रेलवे सुरक्षा बल

RPF जिसका फुल फॉर्म होता है रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स यह रेलवे की सम्पत्तियों की सुरक्षा के लिए उत्तरदायी होता है। RPF की स्थापना रेलवे की परिसम्पत्तियों की बेहतर सुरक्षा के लिए भारतीय संसद के द्वारा पारित रेलवे प्रोटेक्शन एक्ट 1957 के तहत एक सुरक्षा बल के रूप में की गयी थी।

RPF किसके अधीन काम करता है 

RPF भारत के रेल मंत्रालय के अधीन काम करता है। RPF के पास तलाशी, गिरफ़्तारी, जांच और मुकदमा चलाने की शक्ति होती है किन्तु इस मामले में इसे पूरी स्वतंत्रता नहीं है। इस मामले में पूरी शक्ति जीआरपी के अधीन होती है।

RPF का इतिहास : RPF की स्थापना कब हुई थी

भारत में रेलवे का संचालन शुरू होने के साथ ही इसकी सुरक्षा की आवश्यकता महसूस की जाने लगी। चूँकि रेलवे एक अंतर्राज्यीय परिवहन व्यवस्था थी अतः इसे सामान्य सुरक्षा बल को अपना कार्य करने में कठिनाई हो सकती थी। अतः शुरू में भारतीय रेलवे ने पुलिस अधिनियम 1861 को लागू करके कुछ कर्मचारियों को एक सुरक्षा बल के रूप में नियुक्त किया। उस समय इन्हीं कर्मचारियों के द्वारा रेलवे अपनी सुरक्षा और संरक्षा का कार्य लेती थी। फिर 2 जुलाई 1872 में रेलवे पुलिस कमिटी की सिफारिश पर इसे दो भागों में पृथक कर दिया गया। रेलवे में वाच और वार्ड कर्तव्यों के लिए कंपनी पुलिस का गठन किया गया जिसे RPF की शुरुवात कहा जा सकता है। उस समय इसे कंपनी पुलिस कहा जाता था। रेलवे पुलिस का दूसरा भाग जिसे कानून प्रवर्तन की जिम्मेदारी दी गयी थी वह जीआरपी के गठन की नींव माना जा सकता है। इन दोनों ही तरह की पुलिस के कर्तव्यों का वास्तविक पृथक्करण हालाँकि 1881 में प्रभावी हुआ। 1957 में इसी कंपनी पुलिस को RPF के रूप में गठित किया गया। RPF के नियम 10 सितम्बर 1959 को बने और 1966 में इसके रेगुलशनों को तैयार किया गया। 1965 में RPF को पिछले चीनी आक्रमण को मद्दे नज़र रखते हुए सीमावर्ती ट्रेनों में सुरक्षा के लिए एक विशेष नाम RPSF रेलवे सुरक्षा विशेष बल का नाम दिया गया। 1966 में रेलवे संपत्ति अधिनयम लागू हुआ जिसमे RPF को रेल संपत्ति सुरक्षा के लिए कुछ विशेष अधिकार दिए गए। पुनः RPF अधिनियम 1957 में संघ के सशस्त्र बल के गठन और रखरखाव के लिए 1985 में संशोधन किया गया। और फिर अधिनियम के उद्द्येश्यों को पूरा करने के लिए RPF अधिनियम 1987 बनाया गया।

Independence Day Parade by Maharashtra Police at Karjat Ra… | Flickr

RPF के कार्य


  • रेलवे की सम्पत्तियों की सुरक्षा मुहैया कराना और इसके विरुद्ध कोई भी अपराध को रोकना
  • रेलवे के संचालन में कोई भी अवरोध को रोकना, अवरोध उत्पन्न करने वाले के विरुद्ध क़ानूनी कार्रवाई करना
  • भारतीय रेलवेज एक्ट 1890 के तहत केंद्र के एक सशस्त्र बल के तौर पर अपनी जिम्मेदारियों को निभाना।
  • अपराध क्षेत्र की पहचान करना चाहे वह चलती ट्रैन के अंदर हो या फिर प्लेटफार्म पर और सुरक्षा के कदम उठाना।
  • असामाजिक तत्वों को ट्रैन तथा रेलवे परिसर से बाहर करना।
  • बच्चों और महिलाओं की अवैध ट्रैफिकिंग के प्रति सचेत रहना और रेलवे परिसर में पाए गए लावारिस बच्चों के रेहबलिटेशन में सहायता करना।
  • रेलवे के दूसरे विभागों से सहयोग करना ताकि रेलवे की प्रतिष्ठा और छवि में सुधार हो।
  • जीआरपी और रेलवे प्रशासन के मध्य एक सेतु का कार्य करना ताकि दोनों में समन्वय बना रहे।
  • रेलवे संपत्ति पर अनिधिकृत कब्जे के विरुद्ध इन्क्वारी करना और अपराधी के विरुद्ध कानूनी करवाई के लिए मार्ग प्रशस्त करना।
  • मालगोदाम, स्टेशन पर खड़े मॉल डब्बों, पार्सल कार्यालय की सुरक्षा करना आदि।
India Trip 2009 | Trainee police women outside a temple. The… | Flickr

GRP गवर्नमेंट रेलवे पुलिस


भारतीय रेलवे में कानून और व्यवस्था स्थापित करने की जिम्मेदारी जीआरपी की होती है। जीआरपी का फुलफॉर्म होता है Government Railway Police जीआरपी की स्थापना संसद के रेलवेज एक्ट 1989 के तहत की गयी थी। जीआरपी रेलवे परिसर में कानून और व्यवस्था बनाये रखने के साथ साथ लोगों की सुरक्षा और अपराध की रोकथाम जैसी गतिविधियों को अंजाम देती हैं। 


Free stock photo of Indian railway, railway platform, railway station


जीआरपी भारतीय रेलवे मंत्रालय और अलग अलग राज्यों के राज्य पुलिस के संयुक्त नियंत्रण और निगरानी में काम करती है। जीआरपी के अधिकारीयों की नियुक्ति भारतीय पुलिस सेवा के द्वारा होता है।

GRP का इतिहास, GRP की स्थापना कब हुई थी


अनौपचारिक रूप जीआरपी की स्थापना का इतिहास भारत में रेलवे की शुरुवात के साथ ही माना जा सकता है जब रेलवे ट्रेनों में और रेलवे परिसर में सुरक्षा और संरक्षा के लिए एक पुलिस बल की स्थापना की आवश्यकता महसूस हुई और इसके लिए एक सुरक्षा बल का गठन किया गया। जिसे बाद में 2 जुलाई 1872 में रेलवे पुलिस कमिटी की सिफफिश के आधार पर कार्यों के आधार पर दो भागों में बाँट दिया गया। इसमें कानून और व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाने वाले विभाग को सरकारी रेलवे पुलिस के रूप में परिभाषित किया गया। यह प्रक्रिया 1881 में प्रभावी हुई और इस तरह से जीआरपी की शुरुवात हुई।

GRP के कार्य

जीआरपी का मुख्य काम भारत के रेलवे स्टेशनों के भीतर यात्री यातायात नियंत्रण करना, भीड़ भाड़ रोकना, रेलवे परिसर में वाहन यातायात नियंत्रण करना, अपराध रोकना और अपराधियों को गिरफ्तार करना आदि है। इसके साथ ही प्लेटफार्म और ट्रेनों के अंदर हॉकरों को नियंत्रित करना, भिखारियों पर रोकथाम करना, यात्रियों द्वारा छोड़ी गयी सम्पत्तियों और ट्रेन की बोगियों की सुरक्षा हेतु जांच करना, स्टेशन परिसर में मृत व्यक्तियों के शवों को हटवाना, बीमार तथा घायल व्यक्तियों की चिकित्सा व्यवस्था करना आदि है।

जीआरपी रेलवे अधिनियम 1989 का उल्लंघन करने वाले यात्रियों को गिरफ्तार कर सकती है मसलन बिना टिकट यात्रा में टिकट परीक्षक द्वारा पकडे गए यात्री को गिरफ्तार करना , चोरी, यौन उत्पीड़न आदि। रेलवे कर्मचारियों की खिलाफ धोखाधड़ी आदि या रेलवे कर्मचारियों के मध्य होने वाले मारपीट, धमकी आदि के विरुद्ध कार्रवाई करने का भी अधिकार जीआरपी के पास होता है। किसी भी विशेष परिस्थिति में जीआरपी रेलवे अधिकारीयों और RPF के लिए सहायता भी प्रदान करता है।


File:Crowded Thane station on 31 Dec 2012 02.jpg - Wikimedia Commons

RPF aur GRP ka full form kya hota hai

RPF का फुलफॉर्म होता है Railway Protection Force यानि रेलवे सुरक्षा बल जबकि GRP का फुलफॉर्म होता है Government Rail Police

RPF Aur GRP Me Kya Antar Hai

आरपीएफ और जीआरपी में क्या अंतर है


  • RPF भारत के रेल मंत्रालय के अधीन काम करता है जबकि GRP राज्य पुलिस और रेल मंत्रालय दोनों के संयुक्त नियंत्रण में काम करती है।


  • RPF रेलवे परिसर में रेलवे की परिसम्पत्तियों की सुरक्षा के प्रति उत्तरदायी होती है वहीँ GRP स्टेशन परिसर के अंतर्गत कानून और व्यवस्था के अनुपालन के प्रति उत्तरदायी होती है।


  • RPF को सिद्धांततः पुलिस बल नहीं माना जाता है जबकि GRP एक पूर्ण पुलिस बल है।


  • RPF की सैलरी की पूरी जिम्मेदारी केंद्र सरकार के रेल मंत्रालय की होती है जबकि GRP की सैलरी का 50 प्रतिशत हिस्सा रेल सरकार के द्वारा वहन किया जाता है।
File:Indian police attack on mourning ceremony of Muharram in ...
उपसंहार
भारतीय रेलवे पुरे विश्व के सबसे भीड़ भाड़ और सबसे विशाल नेटवर्कों में से एक है। रोज करोड़ों लोग भारतीय रेलवे से यात्रा करते हैं। इसके साथ ही लाखों टन माल की ढुलाई भी इसके मार्फ़त से होती है। ऐसे में रेलवे सम्पत्तियों और यात्रियों की सुरक्षा और बाधारहित यात्रा एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। और इस बड़ी जिम्मेदारी RPF और GRP की वजह से ही संभव हो पाती है। RPF और GRP दोनों की जिम्मेदारियां हालाँकि अलग अलग है और दोनों की नियुक्ति, रिपोर्टिंग और कार्यक्षेत्र में अंतर है किन्तु फिर भी दोनों ही भारतीय रेलवे के महत्वपूर्ण अंग हैं और रेल की जिम्मेदारियों को सरलता और सुरक्षित कार्यान्वित करने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। 

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