सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में क्या अंतर है : हिंदी में जानकारी

सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में क्या अंतर है


जब भी किसी कंप्यूटर की चर्चा होती है तब उसके साथ सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर की चर्चा जरूर होती है। ये दोनों हिस्से कंप्यूटर को पूर्ण बनाते हैं और तभी कंप्यूटर अपनी उपयोगिता साबित कर पाता है। सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर कंप्यूटर के दो अनिवार्य हिस्से होते हैं। इसे दूसरे शब्दों में कहा जाए तो हार्डवेयर कंप्यूटर का शरीर होता है तो सॉफ्टवेयर उसकी आत्मा। किसी एक के बिना दूसरा निष्क्रिय और अप्रभावी हो जाता है। सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर की प्रकृति देखा जाए तो दोनों एक दूसरे से एकदम भिन्न होते हैं और दोनों दो चीज़ें होती हैं।  

कंप्यूटर सॉफ्टवेयर क्या होता है


सॉफ्टवेयर को कंप्यूटर और मोबाइल की बुद्धि या विवेक शक्ति कहा जा सकता है। इसके द्वारा कंप्यूटर या मोबाइल तरह तरह के कार्यों को सम्पादित करने के योग्य हो पाता है। जिस प्रकार किसी मनुष्य के शरीर से उसकी बौद्धिक क्षमता को निकाल दिया जाय तो वह शरीर कोई कार्य नहीं कर सकता ठीक उसी प्रकार कंप्यूटर और मोबाइल भी बिना सॉफ्टवेयर के कोई कार्य नहीं कर सकते।

वास्तव में सॉफ्टवेयर डेटा या कमांड्स और इंस्ट्रक्शंस का एक संग्रह होता है जो कंप्यूटर को निर्देश देता है कि कैसे कार्य करना है। सॉफ्टवेयर में कंप्यूटर प्रोग्राम, लाइब्रेरी और सम्बंधित नॉन एक्सेक्यूटबल डेटा आदि का संग्रह होता है। इसमें कंप्यूटर सिस्टम, प्रोग्राम और डेटा द्वारा संसाधित सभी तरह की सूचनाएं होती हैं। 

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सॉफ्टवेयर का कोई भौतिक वजूद नहीं होता है। यह वर्चुअल प्रोग्रामों का संग्रह होता है जिसे प्रोगरामिंग भाषा में बनाया जाता है। वैसे तो कंप्यूटर सिर्फ मशीन लैंग्वेज को ही समझता है इसलिए complier या इंटरप्रेटर का प्रयोग करके प्रोग्रामिंग भाषा को मशीन की भाषा में बदला जाता है।

सॉफ्टवेयर का इतिहास

Ada Lovelace को सॉफ्टवेयर का जनक माना जाता है। उन्होंने 19 वीं शताब्दी में बर्नौली नंबरों की गणना दिखाने के लिए एल्गोरिदम के लिए सबसे पहले एक सॉफ्टवेयर तैयार किया था। इन्हे विश्व का पहला कंप्यूटर प्रोग्रामर माना जाता है। कंप्यूटर के अविष्कार के बहुत पहले 1935 में सॉफ्टवेयर के बारे में पहला सिद्धांत एलन टूरिंग के द्वारा दिया गया। उन्होंने कम्प्युटेबल नंबर्स पर अपने निबंध Application to the Entscheidungsproblem में सॉफ्टवेयर का पहला सिद्धांत दिया। 1946 के पूर्व तक सॉफ्टवेयर को मेमोरी में स्टोर करके नहीं रखा जाता था। सॉफ्टवेयर शब्द का पहला प्रयोग रिचर्ड आर करहार्ट के रैंड कारपोरेशन रिसर्च मेमोरंडम में अगस्त 1953 में मिलता है जो कि इंजीनियरिंग सन्दर्भ में किया गया था।

सॉफ्टवेयर कितने प्रकार के होते हैं

सॉफ्टवेयर मुख्यतः तीन प्रकार के होते हैं 

एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर :
एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर कंप्यूटर को बेसिक ऑपरेशन से परे कुछ विशेष कार्यों जैसे मनोरंजन आदि को सम्पादित के लिए प्रयोग किया जाता है। इसके द्वारा यूजर कंप्यूटर में इच्छित कार्य कर पाता है। वास्तव में यही सॉफ्टवेयर कंप्यूटर और यूजर को जोड़ने का कार्य करता है। एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर के द्वारा ही हम कंप्यूटर द्वारा कोई कार्य ले पाते हैं यानि उसका उपयोग कर पाते हैं। MS Word , MS Exel , MS Power Point आदि इसी तरह के सॉफ्टवेयर हैं। 

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सिस्टम सॉफ्टवेयर : इस प्रकार के सॉफ्टवेयर का कार्य मुख्यतः कंप्यूटर हार्डवेयर के संचालन को मैनेज करना तथा नियंत्रण करना होता है। ये सॉफ्टवेयर कंप्यूटर के हार्डवेयर और एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर के बीच की कड़ी का काम करता है और कार्य सम्पादित होने में मदद करता है। 

यह तीन प्रकार का होता है 

ऑपरेटिंग सिस्टम :
ऑपरेटिंग सॉफ्टवेयर वास्तव में कंप्यूटर का बेसिक सॉफ्टवेयर होता है जो कंप्यूटर के अन्य प्रोग्रामों के संचालन में मदद करता है। ऑपरेटिंग सिस्टम कंप्यूटर और यूजर के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाता है और यूजर के निर्देशों को कंप्यूटर को समझने में मदद पहुंचाता है। विंडोज, लिनक्स, एंड्राइड आदि इसी प्रकार के सॉफ्टवेयर हैं।

डिवाइस ड्राइवर्स : कंप्यूटर के विभिन्न इनपुट और आउटपुट डिवाइसों के बीच समन्वय स्थापित करने वाले सॉफ्टवेयर डिवाइस सॉफ्टवेयर कहलाते हैं। इन्हीं डिवाइस सॉफ्टवेयर के द्वारा कंप्यूटर के अन्य उपकरणों को ऑपरेट और कंट्रोल किया जाता है। ऑडियो, ग्राफिक्स आदि के ड्राइवर सॉफ्टवेयर इसी प्रकार के सॉफ्टवेयर होते हैं। 



यूटिलिटीज : ये सॉफ्टवेयर कंप्यूटर के मेंटेनेंस, केयर और सुरक्षा का कार्य करते हैं। एंटी वायरस इसी प्रकार का सॉफ्टवेयर होता है।

Malicious सॉफ्टवेयर या Malware : ये सॉफ्टवेयर कंप्यूटर को नुकसान पहुंचाने के लिए या हैक करने के लिए बनाये जाते हैं। कंप्यूटर वायरस इसी प्रकार के सॉफ्टवेयर होते हैं।

कंप्यूटर हार्डवेयर क्या होता है

कंप्यूटर हार्डवेयर कंप्यूटर के उन समस्त पार्ट्स या भागों को कहा जाता है जिसके द्वारा एक कंप्यूटर का निर्माण होता है और उसमे किसी सॉफ्टवेयर को ऑपरेट किया जा सकता हो। वास्तव में हार्डवेयर कंप्यूटर का भौतिक भाग होता है जिसे हम स्पर्श कर सकते हैं महसूस कर सकते हैं। इनका एक निश्चित आकार और भार होता है। कंप्यूटर का मदर बोर्ड, मॉनिटर, कीबोर्ड, माउस सब कंप्यूटर हार्डवेयर के कुछ उदहारण हैं।

कंप्यूटर हार्डवेयर कंप्यूटर को एक निश्चित शेप देता है और उसे इस योग्य बनाता है जिससे कि इसमें किसी सॉफ्टवेयर को ऑपरेट किया जा सके। कंप्यूटर हार्डवेयर कंप्यूटर के सॉफ्टवेयर के निर्देशों और कमांड्स को किर्यान्वित करते हैं। 



सभी आधुनिक कंप्यूटर हार्डवेयर 1945 में वोन न्यूमैन के डिज़ाइन का ही प्रतिरूप माने जा सकते हैं जिसमे वे एक इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल कंप्यूटर जिसमे एक प्रोसेसिंग यूनिट, प्रोसेसर, कंट्रोल यूनिट, मेमोरी, इनपुट और आउटपुट मैकेनिज्म आदि का वर्णन किया है। 

कंप्यूटर हार्डवेयर दो प्रकार के होते हैं

इनपुट डिवाइस : कंप्यूटर हार्डवेयर में कुछ हार्डवेयर का कार्य कंप्यूटर को कुछ निर्देश देना होता है। इन्ही डिवाइसों के द्वारा कंप्यूटर के अंदर सारी इंफॉर्मेशंस फीड की जाती है। इन डिवाइसों को इनपुट डिवाइस कहा जाता है। कीबोर्ड, माइक्रोफोन, पेन ड्राइव, स्कैनर आदि इसी प्रकार के हार्डवेयर होते हैं।

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आउटपुट डिवाइस : इनपुट डिवाइस के ठीक विपरीत कुछ डिवाइस द्वारा कंप्यूटर द्वारा सम्पादित कार्यों के परिणाम देने के लिए होते हैं। ये परिणाम विजुअल, ऑडियो या प्रिंट के रूप में हो सकते हैं। मॉनिटर, स्पीकर, प्रिंटर आदि आउटपुट डिवाइस के उदहारण हैं।

सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में क्या अंतर है


यूँ तो कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर दोनों एक दूसरे के पूरक हैं। कंप्यूटर की ऑपरेटिंग में दोनों की भूमिका होती है। एक दूसरे के बिना ये निष्प्राण और निःशरीर होते हैं, तो भी सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर अपनी कई बातों में एक दूसरे से भिन्न होते हैं

  • सॉफ्टवेयर कंप्यूटर का वर्चुअल या आभासी हिस्सा होता है जबकि हार्डवेयर कंप्यूटर का भौतिक भाग होता है।

  • सॉफ्टवेयर को डेवेलोप या प्रोग्राम किया जाता है जबकि हार्डवेयर को फैक्ट्री में बनाया जाता है।
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  • सॉफ्टवेयर इनफार्मेशन और कमांड्स का एक संग्रह होता है जो प्रोग्रामिंग लैंग्वेज में होता है जबकि हार्डवेयर सॉफ्टवेयर को रन कराने के लिए भौतिक उपकरणों का समूह होता है।

  • सॉफ्टवेयर मुख्यतः तीन प्रकार के होते हैं सिस्टम सॉफ्टवेयर, एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर और प्रोग्रामिंग सॉफ्टवेयर वहीँ हार्डवेयर के मुख्य प्रकार होते हैं इनपुट सॉफ्टवेयर, आउटपुट सॉफ्टवेयर, स्टोरेज और इंटरनल कंपोनेंट्स।

  • सॉफ्टवेयर वायरस से क्षतिग्रस्त हो सकते हैं किन्तु हार्डवेयर पर वायरस का कोई असर नहीं होता है।

  • सॉफ्टवेयर के क्षतिग्रस्त होने पर इसकी बैकअप कॉपी को पुनः इनस्टॉल किया जा सकता है जबकि हार्डवेयर के क्षतिग्रस्त होने पर उसे नए हार्डवेयर से रिप्लेस करना पड़ता है।

  • सॉफ्टवेयर समय के साथ ख़राब नहीं होता जबकि हार्डवेयर समय के साथ पुराना और ख़राब हो जाता है।
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  • सॉफ्टवेयर को एक जगह से दूसरी जगह इलेक्ट्रॉनिकली ट्रांसफर किया जा सकता है जबकि हार्डवेयर को इलेक्ट्रॉनिकली ट्रांसफर नहीं किया जा सकता।

उपसंहार

सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर दोनों ही मिलकर एक कंप्यूटर की संकल्पना को पूरा करते हैं और तभी एक कंप्यूटर अपने काम को सम्पादित कर पाता है। सॉफ्टवेयर कंप्यूटर का लॉजिक पार्ट होता है जो वर्चुअल रूप से सभी इंस्ट्रक्शंस और कमांड्स को सम्पादित और नियंत्रित करता है। लेकिन सॉफ्टवेयर को कार्य करने के लिए हार्डवेयर की आवश्यकता पड़ती है तभी सॉफ्टवेयर की उपयोगिता सामने आ पाती है। हार्डवेयर कंप्यूटर को न केवल एक शेप देता है बल्कि वह सॉफ्टवेयर द्वारा दिए गए निर्देशों को पूरा करते हुए विभिन्न कार्यों को अंजाम देता है।

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