खरीफ फसल और रबी फसल में क्या अंतर है

भारत  में फसलों को उनकी उपज के समय के हिसाब से दो प्रकार में बांटा गया है। कुछ फसलें बरसात के मौसम में होती हैं तो कुछ फसलें जाड़ों में पैदा होती हैं। फसलों के ये दो प्रकार होते हैं खरीफ और रबी। जहाँ खरीफ फसल मॉनसूनी फसल होती है अर्थात ये फसलें मॉनसून के शुरू होने से लेकर मॉनसून के समाप्त होने तक तैयार होती हैं वहीँ रबी फसलें जाड़े की शुरवात में लगायी जाती हैं और बसंत ऋतू में इनकी फसल तैयार होती है। खरीफ और रबी दोनों फसलें अपनी कुछ विशिष्टाओं की वजह से एक दूसरे से काफी भिन्न होती हैं। 


खरीफ फसल किसे कहते हैं 
खरीफ फसल को मॉनसूनी फसल भी कहते हैं। खरीफ फसल को मॉनसूनी फसल कहने का कारण यह है कि ये फसलें मॉनसून के शुरू होने के साथ ही लगायी जाती हैं और मॉनसून ख़त्म होने के बाद इनकी कटाई हो जाती हैं। खरीफ फसल एशिया के एक बड़े क्षेत्र जिसमे भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश आते हैं उनमे वर्षा पर आधारित फसलें हैं। इन फसलों की बुवाई या रोपनी जून, जुलाई में शुरू हो जाती है और अक्टूबर से नवंबर के बीच में ये तैयार हो जाती हैं और इनकी कटाई हो जाती है। इन क्षेत्रों में वर्षा के शुरू होने की तारीखों में अंतर की वजह से इनकी बुवाई का समय आगे पीछे हो सकता है। जैसे केरल में मॉनसून एक जून के आस पास प्रवेश कर जाता है तो वहां खरीफ फसलों की रोपनी पहले शुरू हो जाती है किन्तु उत्तर प्रदेश, पंजाब आदि क्षेत्रों में इनकी रोपनी देर से होती है। 


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खरीफ फसलों को गर्म मौसम के साथ साथ उच्च आर्द्रता की आवश्यकता होती है। खरीफ की फसलों को पानी की अच्छी खासी मात्रा चाहिए होती है। ये फसलें तब पुष्पित होती हैं जब दिन छोटे होते हैं। चावल, गन्ना, कपास, हल्दी, मूंगफली आदि खरीफ फसलों के उदहारण हैं।

खरीफ शब्द अरबी भाषा का शब्द है जिसका अर्थ होता है पतझड़। चूँकि खरीफ की फसल अक्टूबर नवंबर में तैयार होती हैं जिस समय पतझड़ होता है अतः इस दौरान तैयार होने वाली फसलों को भी पतझड़ की फसल यानि खरीफ कहा गया।


रबी फसल क्या है 
रबी फसलें वे फसलें हैं जिन्हें जाड़ों के मौसम में उगाया जाता है। यही वजह है रबी फसलों को ठंडी की फसल या बसंत ऋतू की फसल भी कहते हैं। रबी फसलों की बोवाई अक्टूबर नवंबर में की जाती है जब मॉनसून ख़त्म होता है। इन फसलों के बीजों के अंकुरण के लिए थोड़ा गर्म मौसम चाहिए होता है किन्तु पौधों के लिए ठंडी का मौसम ही उपयुक्त होता है। चूँकि ये फसलें शुष्क मौसम में होती हैं अतः इनकी सिंचाई की आवश्यकता होती है। हालाँकि इन फसलों को बहुत ज्यादा पानी की आवश्यकता नहीं होती है। रबी की फसलें दिन के बड़े होने पर ही पुष्पित होती हैं। रबी फसल मार्च अप्रैल में तैयार हो जाती हैं और तब इनकी कटाई होती है। 


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रबी फसलों को रबी कहने की वजह यह है कि अरबी भाषा में रबी का मतलब होता है बसंत। चूँकि ये फसलें बसंत ऋतू में तैयार होती हैं अतः इन्हें रबी फसल कहा जाता है। इन फसलों में प्रमुख हैं गेंहू,चना, तेलहन आदि। 

खरीफ फसल और रबी फसल में क्या अंतर है 
  • खरीफ फसलों की बुवाई या रोपाई का समय मॉनसून के शुरू होने के साथ शुरू होता है जबकि रबी फसलों की बुवाई का समय मॉनसून ख़त्म होने के बाद अर्थात ठंडी के मौसम की शुरुवात में होता है।


  • खरीफ फसलों को मॉनसूनी फसलें भी कहा जाता है वहीँ रबी फसलों को ठंडी की फसल भी कहते हैं।
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  • खरीफ फसलों की खेती में ज्यादा मात्रा में पानी की आवश्यकता होती है वहीँ रबी फसल कम पानी की आवश्यकता होती है।

  • खरीफ फसलों को उच्च तापमान चाहिए होता है जबकि रबी फसलों को ठंडा मौसम चाहिए होता है। हालाँकि बीजों को अंकुरित होने के लिए थोड़ा गर्म मौसम चाहिए होता है।

  • खरीफ फसलों को पुष्पित होने के लिए छोटे दिन की आवश्यकता होती है जबकि रबी फसलों को पुष्पित होने के लिए लम्बे दिन की आवश्यकता होती है।

  • खरीफ फसलों की बुआई का समय जून जुलाई होता है जबकि रबी फसलों की बुवाई का समय अक्टूबर नवंबर होता है।

  • फसल तैयार होने का समय सितम्बर से अक्टूबर के बीच का होता है वहीँ रबी फसलें मार्च से अप्रैल में कट जाती हैं।

  • खरीफ फसलों में चावल, मूंगफली, ज्वार, बाजरा, कपास प्रमुख है वहीँ रबी फसल में गेंहू, चना, मटर, तिलहन प्रमुख हैं।
खरीफ और रबी दोनों मिलकर एक फसलचक्र पूरा करती हैं। दोनों फसलों में हमारे मुख्य खाद्यान्न जैसे चावल और गेंहू की उपज होती है। जहाँ खरीफ फसलों के लिए अत्यधिक पानी की आवश्यकता होती है अर्थात ये वर्षा पर पूरी तरह से निर्भर होती हैं वहीँ रबी की फसलों को कम पानी की आवश्यकता होती है। यही वजह है कि खरीफ की फसलों के मुकाबले रबी की फसलें ज्यादा सुरक्षित होती हैं  

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