Skip to main content

Posts

RAM और ROM में क्या अंतर है, हिंदी में जानकारी

RAM और ROM में क्या अंतर है 
किसी भी कंप्यूटर को ऑपरेट करने के लिए मेमोरी की आवश्यकता होती है। मेमोरी में उपस्थित कमांड्स ही कंप्यूटर को दिशा निर्देश देते हैं जिससे कि वह सुचारु रूप से काम कर पाता है और इच्छित परिणाम देता है। कंप्यूटर या मोबाइल की मेमोरी में ही उसके फंक्शन से सम्बंधित सारी सूचनाएं उपस्थित होती हैं। कंप्यूटर में मेमोरी दो तरह की होती है एक RAM तथा दूसरी ROM, दोनों ही मेमोरी मिलकर कंप्यूटर या मोबाइल को ऑपरेट करने में मदद करती हैं। RAM और ROM हैं तो दोनों मेमोरी किन्तु दोनों के फंक्शन, बनावट और क्षमता सहित कई अंतर होते हैं। 

RAM क्या होता है कंप्यूटर में आमतौर पर दो प्रकार की मेमोरी होती है एक फिक्स्ड या स्थाई मेमोरी और दूसरी अस्थाई मेमोरी। यह एक चिप के रूप में होता है। RAM कंप्यूटर में एक अस्थाई मेमोरी के रूप में काम करता है। इसमें उपस्थित सभी DATA या INFORMATION तभी तक रहते हैं जबतक कंप्यूटर ऑन रहता है। जैसे ही कंप्यूटर ऑफ होता है इसमें उपस्थित सभी डाटा डिलीट हो जाता है। यही कारण है कि इसे Volatile Memory कहा जाता है। वास्तव में कंप्यूटर के CPU में वर्तमान में जो कार्य…
Recent posts

शिया और सुन्नी मुसलमानों में क्या अंतर है

शिया और सुन्नी मुसलमानों में क्या अंतर है

ईसाई धर्म के बाद अगर दुनिया में किसी धर्म के अनुयायी हैं तो वह इस्लाम धर्म के हैं। दुनियां में पचास से भी ज्यादा देश मुस्लिम बाहुल्य हैं। इसके अलावा मुस्लिम पूरी दुनिया के करीब करीब हर देश में हैं। इस्लाम के अनुयायिओं की इतनी संख्या होते हुए भी यह मजहब कई सम्प्रदायों में बंटा हुआ है जिसमे शिया और सुन्नी प्रमुख हैं। वैसे तो शिया और सुन्नी दोनों ही इस्लाम को ही मानने वाले हैं पर कई बातों में शिया और सुन्नी दोनों में अंतर है। आईये देखते हैं शिया और सुन्नी क्या हैं और शिया और सुन्नी दोनों में क्या अंतर है 


शिया मुस्लिम और उनका इतिहास इस्लाम धर्म कई सम्प्रदायों में बंटा हुआ है। शिया मुस्लिम भी इन्ही में से एक होते हैं। शिया मुस्लिमों का पुरे इस्लाम में सुन्नियों के बाद दूसरा स्थान है। वैसे तो इनकी संख्या पूरी मुस्लिम आबादी का केवल 15 प्रतिशत ही है। शिया मुस्लिमों का इतिहास मोहम्मद साहेब की मृत्यु के बाद से ही शुरू होता है। शियाओं के उदय की वास्तविक वजह उत्तराधिकार विवाद था। सन 632 में मोहम्मद साहेब की मृत्यु के पश्चात् उनकी ग़दीर की वसीयत के मुताबिक ह…