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Showing posts from February, 2020

RAM और ROM में क्या अंतर है, हिंदी में जानकारी

RAM और ROM में क्या अंतर है 
किसी भी कंप्यूटर को ऑपरेट करने के लिए मेमोरी की आवश्यकता होती है। मेमोरी में उपस्थित कमांड्स ही कंप्यूटर को दिशा निर्देश देते हैं जिससे कि वह सुचारु रूप से काम कर पाता है और इच्छित परिणाम देता है। कंप्यूटर या मोबाइल की मेमोरी में ही उसके फंक्शन से सम्बंधित सारी सूचनाएं उपस्थित होती हैं। कंप्यूटर में मेमोरी दो तरह की होती है एक RAM तथा दूसरी ROM, दोनों ही मेमोरी मिलकर कंप्यूटर या मोबाइल को ऑपरेट करने में मदद करती हैं। RAM और ROM हैं तो दोनों मेमोरी किन्तु दोनों के फंक्शन, बनावट और क्षमता सहित कई अंतर होते हैं। 

RAM क्या होता है कंप्यूटर में आमतौर पर दो प्रकार की मेमोरी होती है एक फिक्स्ड या स्थाई मेमोरी और दूसरी अस्थाई मेमोरी। यह एक चिप के रूप में होता है। RAM कंप्यूटर में एक अस्थाई मेमोरी के रूप में काम करता है। इसमें उपस्थित सभी DATA या INFORMATION तभी तक रहते हैं जबतक कंप्यूटर ऑन रहता है। जैसे ही कंप्यूटर ऑफ होता है इसमें उपस्थित सभी डाटा डिलीट हो जाता है। यही कारण है कि इसे Volatile Memory कहा जाता है। वास्तव में कंप्यूटर के CPU में वर्तमान में जो कार्य…

योग और व्यायाम या एक्सरसाइज में क्या अंतर है

योग और व्यायाम या एक्सरसाइज में क्या अंतर है

आज के इस भागमभाग और तनाव  के जमाने में अपने को स्वस्थ रखना एक टेढ़ी खीर हो चूका है। दवा और डॉक्टर हमारे पर्सनल लाइफ का हिस्सा बन चुके हैं। लोग अपने को स्वस्थ तथा निरोगी रखने के लिए तमाम उपाय करते हैं। योग और व्यायाम या एक्सरसाइज इन्ही उपायों में से हैं जो न केवल हमारे शरीर को स्वस्थ और बलिष्ठ रखते हैं बल्कि हमारे मानसिक स्वास्थ्य का भी ख्याल रखते हैं। 



योग क्या है

योग एक आध्यात्मिक प्रक्रिया है जिसके द्वारा तन,मन और आत्मा को एक साथ लाने अर्थात जोड़ने की क्रिया की जाती है। योग संस्कृत के युज से निकला हुआ प्रतीत होता है जिसका अर्थ है जोड़ना, योग का एक और अर्थ होता है और वह है समाधि  अतः कहा जा सकता है शरीर से आत्मा को जोड़ने के लिए समाधि की अवस्था ही योग है। 

योग की परिभाषा 

विष्णु पुराण के अनुसार "योगः संयोग इत्युक्तः जीवात्म परमात्मने "अर्थात जीवात्मा से परमात्मा का पूर्णतयः मिलन ही योग है।
भगवत गीता के अनुसार "सिद्धसिध्दयो समोभूत्वा समत्वं योग उच्चते "अर्थात दुःख सुख, लाभ अलाभ, शत्रु मित्र,शीतल उष्ण आदि द्वंदों में सर्वत्र संभव …

खिचड़ी और तहरी में क्या अंतर है

खिचड़ी और तहरी में क्या अंतर है 


खिचड़ी और तहरी दोनों ही भारत भर में घर घर बनने वाला व्यंजन है। खिचड़ी और तहरी दोनों के बनाने में मुख्य रूप से चावल का प्रयोग किया जाता है। ये दोनों ही व्यंजन देखने में इतने समान लगते हैं कि कोई भी धोखा खा जाये। खिचड़ी और तहरी दोनों ही बिलकुल ही अलग अलग व्यंजन हैं और दोनों की अपनी अपनी खासियतें हैं।

खिचड़ी की रोचक जानकारी 

खिचड़ी भारत मे घर घर बनने वाला एक बहुत ही लोकप्रिय और प्राचीन व्यंजन है। यह मुख्य रूप चावल और दाल से बनाया जाता है। यह स्वादिष्ट तथा बहुत ही सरलता से पचने वाला भोज्य पदार्थ है। इसी वजह से इसे मरीजों को तथा छोटे शिशुओं के प्रथम अन्नाहार के रूप में दिया जाता है। 

खिचड़ी का इतिहास 
खिचड़ी बहुत ही प्राचीन व्यंजन है। संस्कृत में इसका वर्णन खिच्चा के रूप में किया गया है। वैदिक साहित्य में इसे क्रूसरन्न कहा गया है है। ग्रीक राजा सेल्यूकस ने अपने भारत अभियान में इसका वर्णन एक लोकप्रिय व्यंजन के रूप में किया है। खिचड़ी की चर्चा प्राचीन यात्री इब्ने बतूता, अकबर की आईने अकबरी, जहांगीर से सम्बंधित लेखों में भी मिलता है। खिचड़ी भारत के आस पास के देशों में भी…

लोकोक्ति और मुहावरे में क्या अंतर है

लोकोक्ति और मुहावरे में क्या अंतर है 

किसी भी भाषा में कुछ ऐसे वाक्यांश या पूरा का पूरा वाक्य प्रयोग होते हैं जो न केवल उस कथन को धारदार और प्रभावशाली बना देते हैं उस बल्कि उस वाक्य को स्पष्ट और आकर्षक भी बना देते हैं। इनसे भाषा रुचिकर और गतिशील हो जाती है। ये वाक्यांश या वाक्य मुहावरे और लोकोक्तियाँ कहलाते हैं। हर भाषा का अपना लोकोक्तियों और मुहावरों का भंडार होता है। लोकोक्तियों और मुहावरों का उस भाषा को प्रयोग करने वाले लोगों के अनुभवों, क्षेत्र, परम्पराओं आदि का पूरा प्रभाव देखा जा सकता है। 

लोकोक्ति किसे कहते हैं
किसी भी समृद्ध भाषा में कुछ ऐसे वाक्य प्रयोग किये जाते हैं जो न केवल भाषा के सौंदर्य को बढ़ा देते हैं बल्कि वाक्य के सामान्य अर्थ को पूर्ण, स्पष्ट और प्रभावशाली बना देते हैं। लोकोक्तियों या कहावतों का प्रयोग भी इसी सन्दर्भ में किया जाता है। लोकोक्तियाँ वास्तव में किसी विशेष स्थान पर मशहूर हो जाने वाले कथन होते हैं जिनका प्रयोग करके अपने वाक्य या अपनी बात पर विशेष जोर दिया जाता है। लोकोक्तियाँ बहुत ज्यादा प्रचलित और लोगों के मुंहलगे वाक्य होते हैं। ये आम जनमानस द्वारा स्थान…

जूडो और कराटे में क्या अंतर है

जुडो और कराटे आत्मरक्षा और दुश्मनों को परास्त करने की जापानी कला है जो आज पुरे विश्व में लोकप्रिय हैं। जूडो और कराटे के द्वारा व्यक्ति दुश्मनों से न केवल अपनी रक्षा कर सकता है बल्कि एक साथ वह कई प्रतिद्वंदियों पर हावी हो सकता है। इसके द्वारा वह हथियारों से लैश दुश्मनों से भी अपना बचाव कर सकता है। जुडो और कराटे आज न केवल एक युद्धकला है बल्कि यह एक लोकप्रिय खेल भी है। जुङो और कराटे चूँकि दोनों ही मार्शल आर्ट हैं अतः कई बार लोग इन्हें एक ही समझ बैठते हैं। वास्तव में यह सही नहीं है जूडो और कराटे दोनों अलग अलग हैं। जूडो और कराटे दोनों मूल रूप से मार्शल आर्ट हैं किन्तु दोनों की शैली अलग अलग है और इन्हीं तकनीकों की वजह से दोनों में अंतर भी है। 



जूडो क्या है 

जूडो वास्तव में एक मार्शल आर्ट है जो एक युद्ध कला के साथ साथ एक खेल के रूप में भी जाना जाता है। मार्शल आर्ट की जूडो शैली का जनक जापान के जिगोरो कानो को माना जाता है जिन्होंने शारीरिक, मानसिक और नैतिक शिक्षाशास्त्र के रूप में इसका विकास सन 1882 में किया था। जूडो की सबसे ख़ास बात इसकी प्रतिस्पर्धिता होती है जिसमे प्रतिद्वंदी को जमीन पर फेंक…

सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण में क्या अंतर है

आकाश में कई खगोलीय घटनाएं घटती रहती हैं। इनमे से एक है ग्रहण। ग्रहण वास्तव में खगोल की सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक है। प्राचीन काल से ही मानव जाति की जिज्ञासा ग्रहण के प्रति रही है। प्राचीन काल में लोग ग्रहण को दैविक आपदा समझते थे और इससे भयभीत होते थे। आज ग्रहण के बारे में लोगों को काफी कुछ पता होता है और ग्रहण का अवलोकन करने के लिए लोग इसकी पहले से प्रतीक्षा करते हैं। 


ग्रहण दो तरह के होते हैं सूर्य ग्रहण और दूसरा चंद्र ग्रहण। सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण दोनों पृथ्वी और चन्द्रमा की परिक्रमण गतियों की वजह से होने वाली घटनाएं हैं। सूर्य ग्रहण में सूर्य आच्छादित होता है वहीँ चंद्र ग्रहण में चन्द्रमा।

सूर्य ग्रहण किसे कहते हैं What is Solar Eclipse

चन्द्रमा पृथ्वी की परिक्रमा करता है और पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करती है। इस तरह परिभ्रमण के दौरान कभी कभी ऐसी स्थिति बनती है कि चन्द्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है और सूर्य का कुछ भाग अथवा पूरा का पूरा सूर्य कुछ देर के लिए चन्द्रमा से ढक जाता है। इस वजह से सूर्य का कुछ भाग अथवा पूरा का पूरा सूर्य कुछ देर के लिए पृथ्वी से नज़र नहीं आत…