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Showing posts from December, 2019

RAM और ROM में क्या अंतर है, हिंदी में जानकारी

RAM और ROM में क्या अंतर है 
किसी भी कंप्यूटर को ऑपरेट करने के लिए मेमोरी की आवश्यकता होती है। मेमोरी में उपस्थित कमांड्स ही कंप्यूटर को दिशा निर्देश देते हैं जिससे कि वह सुचारु रूप से काम कर पाता है और इच्छित परिणाम देता है। कंप्यूटर या मोबाइल की मेमोरी में ही उसके फंक्शन से सम्बंधित सारी सूचनाएं उपस्थित होती हैं। कंप्यूटर में मेमोरी दो तरह की होती है एक RAM तथा दूसरी ROM, दोनों ही मेमोरी मिलकर कंप्यूटर या मोबाइल को ऑपरेट करने में मदद करती हैं। RAM और ROM हैं तो दोनों मेमोरी किन्तु दोनों के फंक्शन, बनावट और क्षमता सहित कई अंतर होते हैं। 

RAM क्या होता है कंप्यूटर में आमतौर पर दो प्रकार की मेमोरी होती है एक फिक्स्ड या स्थाई मेमोरी और दूसरी अस्थाई मेमोरी। यह एक चिप के रूप में होता है। RAM कंप्यूटर में एक अस्थाई मेमोरी के रूप में काम करता है। इसमें उपस्थित सभी DATA या INFORMATION तभी तक रहते हैं जबतक कंप्यूटर ऑन रहता है। जैसे ही कंप्यूटर ऑफ होता है इसमें उपस्थित सभी डाटा डिलीट हो जाता है। यही कारण है कि इसे Volatile Memory कहा जाता है। वास्तव में कंप्यूटर के CPU में वर्तमान में जो कार्य…

इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स में क्या अंतर है

दोस्तों हमारे दैनिक जीवन में अकसर दो शब्दों का प्रयोग होता है इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स। ये दोनों शब्द सुनने में इतने समान लगते हैं कि अक्सर हम इनमे फर्क नहीं कर पाते। यहाँ तक कि इनके फंक्शन और सोर्स भी समान होने की वजह से कई बार भ्रम की स्थिति पैदा हो जाती है और हम अंतर नहीं कर पाते। चुकि दोनों टर्म्स विद्युत् से सम्बंधित हैं और दोनों का प्रयोग किसी न किसी उपकरण चलाने के लिए किया जाता है अतः हमें दोनों में अंतर को समझना होगा। आइए देखते हैं दोनों में अंतर क्या है।

इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स दोनों में अंतर जानने के लिए सबसे पहले हमें दोनों की परिभाषाएं समझनी होंगी।

इलेक्ट्रिकल किस सन्दर्भ में प्रयोग होता है

विज्ञानं की वह शाखा जिसके अन्तर्गत विभिन्न माध्यमों में विद्युत् धारा के प्रवाह का और उस धारा के विभिन्न प्रभावों का अध्ययन किया जाता है, इलेक्ट्रिकल विज्ञानं के क्षेत्र में आता है। प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विद्युत् धारा को विभिन्न उपयोगी रूपों में जैसे प्रकाश, ऊष्मा,गति, आवाज आदि में परिवर्तित करना इलेक्ट्रिकल कहलाता है और इस तरह के उपकरण को इलेक्ट्रिकल डिवाइस कहते है…

सागर या समुद्र और महासागर में क्या अंतर होता है

हमने बचपन से भूगोल की किताबों में पढ़ा है हमारा भारतीय उपमहाद्वीप तीन ओर से समुद्र से घिरा है पश्चिम में अरब सागर, पूर्व में बंगाल की खाड़ी और दक्षिण में हिन्द महासागर। अब दिमाग में एक खटका आता है ये अरब सागर को सागर और हिन्द महासागर को महासागर क्यों कहा जाता है। दोनों ही तो समुद्र हैं और पानी का अथाह भंडार हैं तो फिर दोनों के लिए महा सागर या सागर क्यों नहीं प्रयोग होता है। प्रश्न स्वाभाविक है और इसे जानने के लिए हमें सबसे पहले जानना होगा समुद्र या सागर और महासागर किसे कहते हैं।
पूरी दुनिया का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा केवल पानी ही पानी है। ये विशाल पानी के भंडार ही सागर और महासागर कहलाते हैं। इनका पानी खारा होता है और पृथ्वी पर जलवायु को संयमित करने में, भोजन और ऑक्सीजन उपलब्ध कराने में तथा साथ ही जैव विविधता बनाये रखने में ये महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 



सागर या समुद्र किसे कहते हैं 
पृथ्वी पर स्थलों के समीप का वह विशाल जलनिकाय जहाँ नदियां अपना जल खाली करती हैं सागर या समुद्र कहलाता है। ये महासागरों की तुलना में कम गहरे होते हैं। ये एक, दो या कभी कभी तीनों ओर से स्थलों से घिरे होते हैं…

Current Account Aur Savings Account Me Kya Antar Hai

आज के इस आर्थिक युग में पैसों के लेनदेन में बैंकों की भूमिका एक धूरी के समान हो गयी है फिर वो चाहे व्यवसाय हो, कामगारों की सैलरी का लेनदेन हो या फिर बचत करने की मंशा हो जहाँ कहीं मुद्रा विनिमय की बात आती है वहां हमें बैंकों की जरुरत महसूस होने लगती है। बैंकों में पैसों के लेनदेन के लिए कई तरह के एकाउंट्स होते हैं जिनमे करंट अकाउंट और सेविंग्स अकाउंट मुख्य होते हैं। व्यक्ति अपनी जरुरत के हिसाब से अपना अकाउंट खोलता है किन्तु उसे पता होना चाहिए किस अकाउंट का क्या काम है उससे क्या लाभ है। आईये देखते हैं सेविंग्स और करंट अकाउंट क्या हैं और इनमे क्या अंतर हैं 





करंट अकाउंट या चालु खाता क्या होता है 


करंट अकाउंट या चालु खाता वास्तव में केवल मनी ट्रांजेक्शन के लिए ही खोला जाता है। यह अकाउंट बिजिनेस की सुविधा के लिए बनाया गया है ताकि व्यवसायी अपने हर कलेक्शन को इसमें दिनभर जमा कर सके और जब चाहे किसी को भुगतान भी कर सके। इस तरह के अकाउंट में ट्रांजेक्शन की कोई लिमिट नहीं होती पर कई बैंकों में इसमें एक निश्चित न्यूनत्तम राशि रखना होता है अन्यथा कुछ चार्ज देना पड़ता है। करंट अकाउंट में जमा राशि पर क…

CAA Aur NRC Me Kya Antar Hai, Hindi Me Jankari

अभी हाल ही में भारत सरकार ने संसद के दोनों सदनों में CAA यानि नागरिकता संशोधन बिल पास करवाया है जिस पर राष्ट्रपति के दस्तखत के बाद से यह क़ानून बन गया है। इस कानून के साथ ही देश भर में NRC की भी चर्चाएं होने लगी और इसकी वजह से कई अफवाहें भी उड़ने लगी। इसका नतीजा यह हुआ कि पुरे भारत में कई जगह हिंसक आंदोलन और विरोध प्रदर्शन होने लगे। इन सब आंदोलनों और प्रदर्शनों की एक मुख्य वजह लोगों में जानकारी का आभाव भी था। अधिसंख्य लोगों को CAA और NRC के बारे में कुछ ज्यादा पता भी नहीं था। कई सारे लोगों को इनमे काफी कन्फ्यूजन था और दोनों को वे एक ही समझते थे। आईये देखते हैं CAA और NRC क्या हैं और दोनों में क्या अंतर है

CAA क्या है

CAA यानि सिटीजन अमेंडमेंट एक्ट जिसे हिंदी में नागरिकता संशोधन अधिनियम कहा जाता है वास्तव में यह भारतीय नागरिकों के लिए है ही नहीं। यह अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश से आये उन शरणार्थियों को भारत की नागरिकता प्रदान करने के लिए है जो उन देशों में अल्पसंख्यक हैं और वहां उत्पीड़न के कारण भारत में आ चुके हैं। सिटीजन अमेंडमेंट एक्ट 2019 में उन लोगों की पहले की भारत में रहने की…

CV Aur Resume Me Kya Antar Hai

दोस्तों आज का युग कठिन प्रतियोगिता का युग है। पढाई के उपरांत युवा नौकरियों की तैयारियों में लग जाते हैं। इसके लिए उन्हें कई प्रतियोगी परीक्षाओं और इंटरव्यूज से गुजरना पड़ता है। कई ऐसे नौकरीपेशा वाले युवा भी हैं जिन्हे एक नौकरी छोड़ दूसरी और बेहतर नौकरी की तलाश होती है। ऐसे सभी लोग जो किसी नौकरी की तलाश में होते हैं उनके पास एक पेपर जरूर होता है जिसपर उनके बारे में उनकी योग्यता,अनुभव और स्किल्स के बारे में वर्णन रहता है। इस पेपर को CV या रेज्युमे कहा जाता है। इसी CV या रेज्युमे के आधार पर नियोक्ता उन्हें इंटरव्यू के लिए बुलाने का निर्णय करता है। कई लोग CV या रेज्युमे को एक ही समझते हैं और जहाँ CV देना चाहिए वहां रेज्युमे और जहाँ रेज्युमे देना चाहिए वहां CV देने की भूल कर बैठते हैं। ऐसा करने से नियोक्ता में उम्मीदवार के प्रति गलत प्रभाव जाता है और साथ ही कई बार वे बिना पढ़े ही उन्हें इंटरव्यू के लिए रिजेक्ट कर देते हैं। कंपनियों में जहाँ एक एक पद के लिए कई कई आवेदन आये रहते हैं वहां नियोक्ता के पास इतना टाइम नहीं रहता कि वह उम्मीदवार की पूरी डिटेल पढ़े। ऐसे में वे चाहते हैं कि उनके जॉब के …

गारंटी और वारंटी में क्या अंतर है ?

प्रतिस्पर्धा के इस दौर में हर कंपनियां अपने ग्राहकों का भरोसा जीतने के लिए अपने उत्पादों को बाजार में उतरने के पहले उसे खूब ठोकबजा कर देख लेती हैं। इसके लिए हर प्रोडक्ट को कई परीक्षणों से गुजरना पड़ता है और जब वे एकदम खरे उतरते हैं तब ही उन्हें बाजार में उतरा जाता है। इन सब के बावजूद निर्माता ग्राहकों का विश्वास जीतने के लिए अपने उत्पादों पर गारंटी या वारंटी देते हैं। इन गारंटी और वारंटी की वजह से ग्राहक प्रोडक्ट के प्रति आस्वस्त होते हैं और निश्चिन्त होकर उस सामान की खरीदारी करते हैं। लेकिन कई बार गारंटी और वारंटी का मतलब नहीं समझने की वजह से कस्टमरों को परेशानियों का सामना भी करना पड़ता है। बहुत से लोग गारंटी और वारंटी दोनों का एक ही मतलब निकलते हैं और दोनों को एक ही समझते हैं किन्तु यह सही नहीं है। हालाँकि यह बात सही है कि गारंटी और वारंटी की वजह से हम प्रोडक्ट पर भरोसा करते हैं और उसका लाभ उठाते हैं किन्तु यदि हम गारंटी और वारंटी के मध्य अंतर को जानने के बाद खरीदारी करें तो उस समय अपना निर्णय हम उसी हिसाब से लेंगे और अपने लिए उपयुक्त प्रोडक्ट का चुनाव करेंगे।

गारंटी और वारंटी के मध…

Marketing Aur Sales Me Kya Antar Hai

मार्केटिंग और सेल्स में क्या अंतर है



आज के बाज़ारवाद के इस युग में चीज़ों के खरीदने और बेचने की प्रक्रिया में काफी बदलाव ला दिए हैं। अब वस्तुओं को महज बेचना ही पर्याप्त नहीं रह गया है। मार्किट में लम्बे समय तक अपने प्रोडक्ट को बेचने के लिए कंपनियां तरह तरह की रणनीतियां बनाती रहती हैं। इन्ही रणनीतियों में मार्केटिंग और सेल्स जैसे टर्म्स काफी प्रयोग होते हैं। मार्केटिंग और सेल्स चूँकि दोनों का उद्द्येश्य प्रोडक्ट का विक्रय होता है अतः कई बार लोग कन्फ्यूज्ड हो जाते हैं और दोनों को एक ही सन्दर्भ में प्रयोग करने लगते हैं। यद्यपि मार्केटिंग और सेल्स दोनों बाजार से जुड़े हुए हैं और दोनों का उद्देश्य वस्तुओं की बिक्री और धनार्जन होता है तो भी ये दो अलग अलग अर्थों वाले शब्द हैं। आइये देखते हैं मार्केटिंग और सेल्स में क्या अंतर है :


Marketing Aur Sales Me Kya Antar Hai





मार्केटिंग किसी उत्पाद की बिक्री के लिए की गयी सम्पूर्ण योजना, उसका इम्प्लीमेंटेशन, नियंत्रण की सिस्टेमेटिक प्रक्रिया है जिसमे क्रेता और विक्रेता के मध्य होने वाली सारी एक्टीविट्ज सम्मिलित होती है वहीँ किसी वस्तु का सेल क्रेता और विक्र…

गाय के दूध और भैंस के दूध में क्या अंतर है ?

दूध को सम्पूर्ण आहार माना जाता है। यह शरीर को ऊर्जा, पोषण और अच्छा स्वास्थ्य प्रदान करता है। यही कारण है दूध प्राचीन काल से ही हमारे भोजन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। मनुष्यों के लिए दूध का मुख्य स्रोत गाय तथा भैंस रहे हैं। दोनों का दूध ऊर्जा से भरपूर, स्वास्थ्यवर्धक और हमारे शरीर के विकास और पोषण के गुणों से युक्त होता है। दोनों यानि गाय और भैंस का दूध हमारी यौनशक्ति वर्धक और बलवर्धक होता है। ऐसे में कई बार यह कन्फ्यूजन होता है कि हमारे लिए गाय का दूध अच्छा है या भैंस का। तो आइये देखते हैं गाय और भैंस के दूध में क्या अंतर है ?



गाय के दूध और भैंस के दूध में क्या अंतर है ?

Gaay Aur Bhains Ke Doodh Me Antar
घनत्व : गाय का दूध भैंस के दूध के मुकाबले काफी पतला होता है इसका कारण है कि गाय के दूध में पानी की मात्रा अधिक होती है है। गाय के दूध में लगभग नब्बे प्रतिशत पानी होता है। 
ऊर्जा : एक कप गाय के दूध में 148 कैलोरी ऊर्जा होती है जबकि एक कप भैंस के दूध में 237 कैलोरी ऊर्जा होती है। कोलेस्ट्रॉल : कोलेस्ट्रॉल गाय के दूध में कम पाया जाता है जबकि भैंस के दूध में ज्यादा। इसी वजह से डायबिटीज…