Visit blogadda.com to discover Indian blogs ओपिनियन पोल और एग्जिट पोल में क्या अंतर है

ओपिनियन पोल और एग्जिट पोल में क्या अंतर है


ओपिनियन पोल और एग्जिट पोल में क्या अंतर है

Difference Between Opinion Poll And Exit Poll 



    चुनावों का मौसम आते ही अख़बारों और टीवी पर ओपिनियन पोल और एग्जिट पोल की चर्चा बड़े जोर शोर से होने लगती है। इस तरह के सर्वेक्षण काफी पहले से ही जनता की राय बताने लगते हैं। चुनाव में किसका पलड़ा भारी रहेगा, किसकी सरकार बन रही है कौन जीत रहा है कौन हार रहा है सारे विश्लेषण सामने आने लगते हैं। क्या आपने कभी गौर किया है ये ओपिनियन पोल और एग्जिट पोल क्या हैं और ओपिनियन पोल और एग्जिट पोल में क्या अंतर है ? आइये आज इस पोस्ट के माध्यम से हम जानकारी हासिल करे इन दोनों में क्या अंतर है

    ओपिनियन पोल और एग्जिट पोल में क्या अंतर है

    टीवी पर आने वाले चुनावी विश्लेषण में ओपिनियन पोल और एग्जिट पोल की बड़ी भूमिका रहती है किन्तु बहुत से लोग समझ नहीं पाते कि ओपिनियन पोल क्या है, एग्जिट पोल किसे कहते हैं और ओपिनियन पोल और एग्जिट पोल में क्या अंतर है ? यदि आप जानना चाहते हैं ओपिनियन पोल क्या है, एग्जिट पोल क्या है और दोनों के बीच क्या अंतर है तो इस पोस्ट को आखिर तक ध्यान से पढ़ें। 

    क्या होता है ओपिनियन पोल?

    What is Opinion Poll 

    जब भी किसी चुनाव की घोषणा होती है लोगों के मन में उत्सुकता होने लगती है कौन जीतेगा, किसकी सरकार बनने जा रही है, हवा किधर की चल रही है। हर कोई जानना चाहता है कौन मुख्यमंत्री बनने जा रहा है या प्रधानमंत्री के रूप में जनता किसको पसंद कर रही है। लोग अपनी इस उत्सुकता को शांत करने के लिए जगह जगह चर्चा करते हैं मसलन चाय की दुकान पर, पान की दुकान पर, ट्रेनों में, बसों में और इसतरह से माहौल को परखने का प्रयास करते हैं। इस तरह से उन्हें एक सामूहिक राय का अनुमान या संकेत मिल जाता है। कई बार इस तरह के प्रयास कई एजेंसियों के द्वारा किये जाते हैं जो इस काम की विशेषज्ञ और प्रोफेशनल होती हैं। ये एजेंसियां मतदाताओं से कई प्रश्न करती हैं और इस सर्वे के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार करती है जिसमे किस पार्टी को जनता पसंद कर रही या मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री के तौर पर अधिकांश लोग किसको देखना चाहते हैं आदि का अनुमान लगाया जाता है। इस तरह के सर्वे को ओपिनियन पोल कहते हैं।

    ओपिनियन पोल और एग्जिट पोल में क्या अंतर है


    ओपिनियन पोल जिसे प्रायः सर्वे कहा जाता है वह वास्तव में पूरी जनसँख्या में से रैंडमली कुछ हिस्से से कुछ सूचनाएं, उनका पक्ष, उनकी पसंद, नापसंद आदि को इकठ्ठा करने की एक प्रक्रिया है। इस प्रक्रिया में लोगों से कुछ प्रश्न पूछे जाते हैं। इन लोगों को सैंपल कहा जाता है। सैंपल जितना बड़ा होता है ओपिनियन पोल की सटीकता उतनी ही ज्यादा मानी जाती है। इन सभी सूचनाओं को इकठ्ठा करके उसका विश्लेषण किया जाता है और इस विश्लेषण के आधार पर ओपिनियन पोल की सही तश्वीर सामने आती है।

    ओपिनियन पोल और एग्जिट पोल में क्या अंतर है


    दुनिया का सबसे पहला ज्ञात ओपिनियन पोल द हैरिसबर्ग पेंन्सिल्वॅनियन के द्वारा कराया गया था। 1824 में इस ओपिनियन पोल में दिखाया गया था कि एंड्रू जैक्सन अमेरिकी प्रेजिडेंट चुनाव में जॉन क्विंसी एडम्स से 335 से 169 मतों से लीड कर रहे हैं। जैकसन की जीत के साथ ही इस तरह के ओपिनियन पोल की लोकप्रियता बढ़ने लगी। किन्तु पहली बार नेशनल लेवल पर द लिटरेरी डाइजेस्ट ने 1916 में वुडरो विल्सन की जीत की भविष्वाणी अपने ओपिनियन पोल के माध्यम से बिलकुल ही सही सही की तब इसकी लोकप्रियता और भी बढ़ गयी। आज के दौर में ओपिनियन पोल की महत्ता काफी बढ़ चुकी है और यह मतदाताओं के साथ साथ उम्मीदवारों और पार्टियों को भी सावधान करने का काम करता है।
    ओपिनियन पोल हमेशा चुनाव के सन्दर्भ में ही हो आवश्यक नहीं है। कई बार देश की नीतियों, सामाजिक रिवाजों आदि के बारे में जनता की राय जानने के लिए भी ओपिनियन पोल कराये जाते हैं।

    क्या होता है एग्जिट पोल?

    What is Exit Poll 

    एग्जिट पोल ओपिनियन पोल की तरह ही एक जन सर्वेक्षण होता है जिसमे मतदाताओं के एक वर्ग से वोट देने के बाद उनसे उनके मतदान के बारे में कुछ तथ्य इकट्ठे किये जाते हैं। इन आकड़ों में उनसे उनके द्वारा दिए गए मत के बारे में पूछा जाता है कि उन्होंने किसके पक्ष में अपना वोट दिया है। इस सर्वेक्षण के आधार पर एजेंसियां उम्मीदवारों और उनकी पार्टियों के बारे में उनके प्रदर्शन और जीत का एक अनुमान पेश करती हैं। हालाँकि चुनाव आयोग के सख्त निर्देश पर इस तरह के एग्जिट पोल को चुनाव ख़त्म होने के बाद ही एजेंसियां इसके परिणाम की घोषणा करती हैं।

    एग्जिट पोल में ध्यान यह देने की बात है कि इसके परिणाम की घोषणा चुनाव ख़त्म होने के बाद ही की जा सकती है। कई बार बड़े राज्यों में ये पुरे देश के चुनाव में चुनाव प्रक्रिया काफी लम्बी होती है तो भी जब तक चुनाव की पूरी प्रक्रिया समाप्त न हो जाय अर्थात पुरे जगह के चुनाव न संपन्न हो जाएँ तब तक एग्जिट पोल के अनुमानों को प्रदर्शित नहीं किया जाता है।

    ओपिनियन पोल और एग्जिट पोल में क्या अंतर है


    एग्जिट पोल की शुरुआत कहाँ से हुई इसके बारे में कोई सर्वमान्य मत नहीं है। ऐसा माना जाता है कि मार्सेल वैन डैम जो एक डच समाजशास्त्री था उसने डच लेजिस्लेटिव इलेक्शन जो फरवरी 1967 में संपन्न हुए थे उसमे इसका सबसे पहले प्रयोग किया था। कुछ अन्य लोगों का मानना है कि केंटकी गबर्नटोरिअल चुनाव में CBS न्यूज़ के लिए एग्जिट पोल की रुपरेखा तैयार की थी।

    ओपिनियन पोल और एग्जिट पोल में क्या अंतर है


    एग्जिट पोल हमेशा ही सही साबित नहीं होते। 2004 का एग्जिट पोल इसका एक उदाहरण है जब एनडीए को जीतता हुआ दिखाया गया था किन्तु जब रिजल्ट आये तो यूपीए की सरकार का गठन हुआ।


    ओपिनियन पोल और एग्जिट पोल में क्या अंतर है

    Difference Between Opinion Poll And Exit Poll 

    • ओपिनियन पोल हमेशा चुनाव की घोषणा के बाद या कभी भी कराये जाते हैं जबकि एग्जिट पोल हमेशा ही वोट देने के बाद ही कराये जाते हैं और इसके परिणाम की घोषणा चुनाव ख़त्म होने के बाद होती है।

    • ओपिनियन पोल मतदाताओं के रुझान का संकेत देता है जबकि एग्जिट पोल उम्मीदवार की या पार्टी की जीत का संकेत देता है।

    ओपिनियन पोल और एग्जिट पोल में क्या अंतर है

    • ओपिनियन पोल जिस समय कराये जाते हैं उसके बाद उसमे परिवर्तन आ सकते हैं जबकि एग्जिट पोल चूँकि वोट पड़ने के बाद होते हैं इसलिए इसमें परिवर्तन नहीं होते।

    • ओपिनियन पोल में प्रश्नो की एक सीरीज होती है मतदाताओं से कई प्रश्न किये जाते हैं जबकि एग्जिट पोल में केवल उनसे किसके पक्ष में उन्होंने वोट दिया है पूछा जाता है। 

    • ओपिनियन पोल जनता की राय को प्रभावित कर सकता है। इसके द्वारा जनता को बरगलाया जा सकता है वहीँ एग्जिट पोल में चुकि वोट पड़ चुके होते हैं अतः जनता पर इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं हो सकता।

    एग्जिट पोल या ओपिनियन पोल छोटे देशों में जहाँ लोग ज्यादा फ्रैंक हैं और खुलकर अपनी राय रखते हैं काफी सटीक साबित होते हैं। भारत जैसे विशाल और विविधता वाले देश में इस तरह के सर्वेक्षण बहुत हद तक सही अनुमान नहीं दे पाते। इसके साथ ही ओपिनियन पोल और एग्जिट पोल में सैंपल कितना लिया गया है इस बात पर भी इसके परिणाम की विश्वसनीयता टिकी हुई होती है।
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