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पासपोर्ट और वीजा में क्या अंतर है



जब भी हमें अपने देश से बाहर किसी दूसरे देश में जाना होता है तो हम सबसे पहले पासपोर्ट बनवाते हैं। पासपोर्ट बनवाने के बाद नंबर आता है वीजा का जिसके लिए हमें उस देश के राजदूतावास में संपर्क करना होता है। इस प्रकार हम देखते हैं कि किसी भी विदेश यात्रा के लिए हमारे पास पासपोर्ट और वीजा होना अतिआवश्यक होता है। इसके बिना विदेश यात्रा के बारे में कल्पना करना भी असंभव है। आज के पोस्ट में हम देखेंगे पासपोर्ट और वीजा क्या हैं और दोनों में क्या क्या अंतर है

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पासपोर्ट किसे कहते हैं


पासपोर्ट जिसे हिंदी में पारपत्र कहते हैं वास्तव में एक यात्रा दस्तावेज होता है जिसकी आवश्यकता अंतराष्ट्रीय यात्रा में पड़ती है। पासपोर्ट विदेशों में पासपोर्ट धारक की पहचान और राष्ट्रीयता का प्रमाण होता है। इसे पासपोर्ट धारक के मूल निवास वाले देश की तरफ से जारी किया जाता है। पासपोर्ट में पासपोर्ट धारक के फोटो के साथ साथ उसका नाम, जन्मतिथि, लिंग और जन्मस्थान की जानकारी दी गयी रहती है। इन जानकारियों के अलावा पासपोर्ट में जारी होने की तिथि, वैधता की अवधि, राष्ट्रीयता, कंट्री कोड आदि का भी विवरण दिया गया होता है।
पासपोर्ट एक छोटी किताब की तरह का डॉक्यूमेंट होता है जिसमे ऊपर बताई गयी सारी जानकारियां अंकित होती है। इसके साथ ही इसमें कई ब्लेंक पेज भी होते हैं जो भविष्य की विदेश यात्राओं के समय प्रयोग किये जाने होते हैं। आजकल तो कई देशों में इ-पासपोर्ट और बायोमेट्रिक पासपोर्ट के चलन भी शुरू हो चुके हैं जो फर्जी या जाली पासपोर्ट की रोक में मदद करते हैं।
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वीजा क्या है

केवल पासपोर्ट रहने भर से ही हमें किसी देश की यात्रा करने तथा वहां रहने का अधिकार नहीं मिल जाता। इसके लिए हमें एक और प्रक्रिया करनी होती है। जिस देश में हमें यात्रा करनी है या वहां कुछ दिन गुजारना है उस देश से हमें एक अनुमति लेनी पड़ती है और इस अनुमति को ही वीजा कहा जाता है। कई देशों में पासपोर्ट पर ही एक मुहर लगाकर यह अनुमति की प्रक्रिया की जाती है पर कुछ अन्य देशों में इसके लिए अलग से एक डॉक्यूमेंट के रूप में दिया जाता है। अतः हम कह सकते हैं कि वीजा वह दस्तावेज होता है जो हमें किसी ख़ास देश में प्रवेश करने की अनुमति देता है।
वीजा लैटिन शब्द कार्टा वीजा से लिया गया है जिसका अर्थ होता है "कागज जो देखा गया हो " किसी भी अन्य देश में प्रवेश के लिए वीजा एक अनिवार्य प्रक्रिया होती है। हालाँकि संसार में कुछ ऐसे भी देश हैं जहाँ आपस में यात्रा करने के लिए वीजा आवश्यक नहीं होता किन्तु ऐसे देशों में मध्य इस सुविधा के लिए आपसी समझौता होता है।
वीजा केवल उस देश में प्रवेश और निश्चित अवधि तक रहने के अलावा कोई अन्य अधिकार प्रदान नहीं करता। प्रवेश के अलावा कुछ भी करने के लिए परमिट लेना पड़ता है जैसे उस देश में काम करने के लिए वर्क परमिट होना चाहिए।

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पासपोर्ट और वीजा में क्या अंतर है 

पासपोर्ट और वीजा दोनों ही विदेश यात्रा के लिए जरुरी अधिकार पत्र होते हुए भी दोनों में कई अंतर हैं 



  • पासपोर्ट एक क़ानूनी दस्तावेज होता है जो विदेशों में आपकी पहचान और राष्ट्रीयता के लिए होता है वहीँ वीजा किसी अन्य देश में प्रवेश और रहने के लिए जारी किया गया अनुमति पत्र होता है।


  • पासपोर्ट धारक में अपने देश द्वारा जारी किया जाता है जबकि वीजा जिस देश की यात्रा करनी है उस देश से प्रदान किया जाता है।

  • पासपोर्ट एक छोटी किताब की तरह होता है जबकि वीजा एक मोहर या टिकट की तरह होता है जो पासपोर्ट पर ही लगाया जाता है।

  • पासपोर्ट में धारक का नाम, जन्मतिथि, पता, लिंग, वैलिडिटी आदि का विवरण होता है वहीँ वीजा में उस देश में प्रवेश की तिथि और रुकने की अवधि का उल्लेख होता है।

  • पासपोर्ट लम्बी अवधि के लिए करीब दस साल के लिए जारी किया जाता है जबकि वीजा प्रायः कम अवधि के लिए होता है।
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  • पासपोर्ट कई तरह के होते हैं जैसे सामान्य पासपोर्ट, राजनयिक पासपोर्ट, पारिवारिक पासपोर्ट, आधिकारिक पासपोर्ट आदि वहीँ वीजा के प्रकार होते हैं टूरिस्ट वीजा, पारगमन वीजा, स्टूडेंट वीजा, श्रमिक वीजा आदि।


इस प्रकार हमने देखा कि किसी भी विदेश यात्रा के लिए हमारे पास पासपोर्ट और वीजा दोनों ही होने चाहिए। पासपोर्ट जहाँ हमारा पहचानपत्र होता है जो विदेशों में हमारी नागरिकता को सत्यापित करता है वहीँ वीजा हमें उस देश में प्रवेश की अनुमति को दिखाता है। उम्मीद करता हूँ कि अब आपके मन में पासपोर्ट और वीजा सम्बन्धी सारी चीज़ें क्लियर हो गयी होंगी। धन्यवाद्।

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