Visit blogadda.com to discover Indian blogs प्रकाश संश्लेषण और श्वसन की क्रिया में क्या अंतर है

प्रकाश संश्लेषण और श्वसन की क्रिया में क्या अंतर है

Difference between Photosynthesis and Respiration

इस धरती पर सभी जीवों के लिए चाहे वे जानवर हों या पेड़ पौधे सभी के लिए ऊर्जा आवश्यक है। इस ऊर्जा को प्राप्त करने के जीवों को भोजन की आवश्यकता होती है। सभी जीव ऊर्जा प्राप्ति के लिए भोजन पर निर्भर हैं। सभी जंतु तो अपना भोजन पौधे तथा अन्य जीवों से प्राप्त कर लेते हैं किन्तु उनके भोजन प्राप्ति का मूल और आखरी स्रोत पौधे ही हैं। पौधे स्वपोषी होते हैं अर्थात वे अपना भोजन स्वयं तैयार करते हैं। पौधों द्वारा अपना भोजन स्वयं तैयार करने की यह प्रक्रिया प्रकाश संश्लेषण कहलाती है और यह क्रिया वास्तव में सजीवों के अस्तित्व के लिए सबसे महत्वपूर्ण क्रिया है। इसका कारण यह है कि इस क्रिया के द्वारा न केवल सभी जीवों को भोजन मिलता है बल्कि उनके श्वसन के लिए वायुमंडल में उपस्थित ऑक्सीजन की मात्रा को भी यह संतुलित रखता है। प्रकाश संश्लेषण की क्रिया के साथ साथ एक और क्रिया सभी के अस्तित्व के लिए अनिवार्य है वह क्रिया है श्वसन की क्रिया। प्रकाश संश्लेषण से प्राप्त भोजन से ऊर्जा प्राप्त करने के लिए उसका ऑक्सीकरण जरुरी है और इस क्रिया के लिए श्वसन की आवश्यकता पड़ती है। इस क्रिया के द्वारा ही भोजन को ऊर्जा के रूप में परिवर्तित किया जाता है और जीवन से सम्बंधित सारी क्रियाओं के लिए ऊर्जा प्राप्त होती है। 
इस प्रकार प्रकाश संश्लेषण और श्वसन का जीवन की मूलभूत क्रियाओं में काफी महत्वपूर्ण स्थान है।
आज के इस पोस्ट में इन्ही के बारे में विस्तार से पढ़ेंगे जैसे प्रकाश संश्लेषण क्या है, प्रकाश संश्लेषण की परिभाषा क्या है प्रकाश संश्लेषण के मुख्य घटक और प्रकाश संश्लेषण की रासायनिक अभिक्रिया क्या है इसी तरह श्वसन क्या है श्वसन की परिभाषा क्या है श्वसन कितने प्रकार का होता है एरोबिक या ऑक्सी श्वसन और एनारोबिक या अनाक्सी श्वसन क्या है तथा प्रकाश सश्लेषण और श्वसन में क्या अंतर है आदि। 


  • प्रकाश संश्लेषण किसे कहते हैं
  • प्रकाश संश्लेषण की परिभाषा
  • प्रकाश संश्लेषण के घटक
  • प्रकाश संश्लेषण की अभिक्रिया
  • प्रकाश संश्लेषण का महत्त्व


प्रकाश संश्लेषण किसे कहते हैं what is photosynthesis



प्रकाश संश्लेषण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा हरे पौधे सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में जल एवं कार्बन डाइआक्साइड के संयोग से कार्बोहाइड्रेट का निर्माण करते हैं तथा इस प्रक्रिया में अन्य उत्पाद के रूप में आक्सीजन मुक्त होती है।
प्रकाश संश्लेषण में CO2 का स्थिरीकरण (अथवा अपचयन) कार्बोहाइड्रेटस (ग्लूकोज C6H12O6 ) मे हो जाता है। पानी का सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में विखंडन (पानी का प्रकाश अपघटन) होकर आक्सीजन मुक्त होता है। इस प्रकार निकलने वाली आक्सीजन पानी के अणु से आती है CO2 से नहीं।


प्रकाश संश्लेषण और श्वसन की क्रिया में क्या अंतर है




प्रकाश संश्लेषण की परिभाषा


सूर्य के प्रकाश में पौधों के हरी कोशिकाओं में उपस्थित पर्णहरिम (क्लोरोफिल) की सहायता से कार्बन डाइऑक्साइड व जल के सहयोग से शर्करा आदि कार्बोहाइड्रेट बनने की क्रिया को प्रकाश संश्लेषण (photosynthesis) या कार्बन स्वांगीकरण (carbon assimilation) कहते है।



प्रकाश संश्लेषण के घटक


प्रकाश-संश्नेषण की क्रिया में चार मुख्य अवयव हैं जल, कार्बनडाइऑक्साइड, प्रकाश एवं पर्ण हरित। इन चारों की उपस्थिति इस क्रिया के लिए अति आवश्यक है। इनमें से जल एवं कार्बनडाइऑक्साइड को प्रकाश-संश्लेषण का कच्चा माल कहते हैं क्योंकि इनके रचनात्मक अवयवों द्वारा ही प्रकाश-संश्लेषण के मुख्य उत्पाद कार्बोहाइड्रेट की रचना होती है। इन अवयवो को पौधा अपने आस-पास के वातावरण से ग्रहण करता है।

प्रकाश संश्लेषण और श्वसन की क्रिया में क्या अंतर है



प्रकाश संश्लेषण की अभिक्रिया


6CO2 + 12H2O प्रकाश +क्लोरोफिल →C6H12O6+6O2+6H2O+क्लोरोफिल

जैसा कि हम जानते हैं प्रकाश संश्लेषण की क्रिया में पर्णहरिम और प्रकाश की उपस्थिति में कार्बन डाइऑक्साइड जल से अभिक्रिया करके कार्बोहाइड्रेट का निर्माण करता है और इस क्रिया में ऑक्सीजन गैस मुक्त होती है , इस अभिक्रिया में कार्बन डाइऑक्साइड के 6 अणु जल के 12 अणुओं के साथ मिलकर ग्लूकोस का एक अणु, ऑक्सीजन के 6 अणु तथा जल के 6 अणु का निर्माण करते हैं। इस अभिक्रिया में विकिरण ऊर्जा रासायनिक ऊर्जा के रूप में परिवर्तित होती है। 


प्रकाश संश्लेषण का महत्त्व


हरे पौधों में होने वाली प्रकाश संश्लेषण की क्रिया पौधों एवं अन्य जीवित प्राणियों के लिये एक बहुत ही महत्वपूर्ण क्रिया है जिसके बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती । इस क्रिया में पौधे सूर्य के प्रकाशीय उर्जा को रासायनिक उर्जा में परिवर्तित कर देते हैं तथा CO2 पानी जैसे साधारण पदार्थों से जटिल कार्बन यौगिक कार्बोहाइड्रेट्स बन जाते हैं।

  • प्रकाश संश्लेषण की क्रिया के द्वारा तैयार कार्बोहाइड्रेट्स ही सभी जीवित प्राणियों के भोजन का प्राथमिक स्रोत है। अतः प्रकाश संश्लेषण जीवों में भोजन के लिए प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उत्तरदायी है।

  • हरे वृक्ष प्रकाश संश्लेषण की क्रिया में कार्बन डाईऑक्साइड को लेते हैं और ऑक्सीजन को निकालते हैं, इस प्रकार वातावरण को शुद्ध करते हैं। ऑक्सीजन सभी जंतुओं को साँस लेने के लिए अति आवश्यक है। पर्यावरण के संरक्षण के लिए भी इस क्रिया का बहुत महत्व है। मत्स्य-पालन के लिए भी प्रकाश संश्लेषण का बहुत महत्व है।

  • प्रकाश संश्लेषण जैव ईंधन बनाने में भी सहायक होता है। इसके द्वारा पौधे सौर ऊर्जा द्वारा जैव ईंधन का उत्पादन भी करते हैं। यह जैव ईंधन विभिन्न प्रक्रिया से गुज़रते हुए विविध ऊर्जा स्रोतों का उत्पादन करता है।


  • श्वसन किसे कहते हैं
  • श्वसन की परिभाषा
  • श्वसन के प्रकार
  • ऑक्सी श्वसन (Aerobic Respiration)
  • एनएरोबिक या अनॉक्सी श्वसन 

श्वसन किसे कहते हैं what is respiration


सभी जीवों में कोशिकीय स्तर पर ऑक्सीजन की उपस्थिति में जैविक ऑक्सीकरण की क्रिया को श्वसन कहते हैं। इसमें ग्लूकोस के ऑक्सीकरण से कार्बन डाइऑक्साइड और जल बनते हैं।और ग्लूकोस में बंधित ऊर्जा बहुत ही मन्द गति से विभिन्न पदों में मुक्त होती है। इस ऊर्जा को कोशिका के अन्दर ATP में संग्रहित कर लिया जाता है। इस प्रकार श्वसन क्रिया में ऊर्जा ग्लूकोस से ATP में स्थानान्तरित होती है।


श्वसन की परिभाषा


जीव जंतुओं की कोशिकाओं में ऑक्सीजन की उपस्थिति में भोजन के जैविक ऑक्सीकरण होने की क्रिया को श्वसन कहते हैं। 

इस प्रक्रिया में ग्लूकोज का ऑक्सीकरण होता है तथा कार्बन डाई ऑक्साइड और जल बनता हैं। इस क्रिया में ग्लूकोज में संचित ऊर्जा विभिन्न पदों में मुक्त होती है।

प्रकाश संश्लेषण और श्वसन की क्रिया में क्या अंतर है




श्वसन के प्रकार

श्वसन दो प्रकार का होता है

External Respiration : वातावरण से ऑक्सीजन ग्रहण करने तथा कार्बन डाइऑक्साइड को निकालने की क्रिया external या बाह्य श्वसन कहलाती है।

Internal Respiration : ऑक्सीजन की उपस्थिति में कोशिकाओं के अंदर ग्लूकोस के ऑक्सीकरण की क्रिया को internal या आतंरिक श्वसन कहते हैं। इसे कोशिकीय श्वसन भी कहते हैं।


श्वसन की क्रिया में ऑक्सीजन एक अनिवार्य घटक है। किन्तु कई बार श्वसन की क्रिया ऑक्सीजन की उपस्थिति के बिना भी होती है। ऑक्सीजन की उपस्थित या अनुपस्थिति के आधार पर श्वसन दो प्रकार के होते हैं


ऑक्सी श्वसन (Aerobic Respiration)

ऑक्सीजन की उपस्थिति में होने वाला श्वसन ऑक्सीकरण कहलाता है। अधिकतर जीवधारियों (मनुष्य, पेड़-पौधों आदि) में इसी प्रकार का श्वसन होता है। इन जीवधारियों को एरोब्स कहते हैं। इसमें भोज्य पदार्थों का पूर्ण ऑक्सीकरण (Complete Oxidation) होता है जिसके फलस्वरूप CO2 जलवाष्प तथा अधिक ऊर्जा निकलती है, जो ATP के रूप में संचित हो जाती है।


C6H12O6 + 6O2 = 6 CO2 + 6H2O + 673 Kcal (ऊर्जा)


ऑक्सी श्वसन की क्रिया का कुछ भाग कोशिका द्रव्य (Cytoplasm) में और शेष भाग माइट्रोकांड्रिया में होता श्वसन का कोशिका द्रव्य में होने वाला भाग ग्लाइकोलाइसिस (Glycolysis) तथा माइट्रोकांड्रिया में होने वाला भाग क्रेब्स-चक्र (Creb’s Cycle) कहलाता है।

एनएरोबिक या अनॉक्सी श्वसन  

यह श्वसन ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में होने वाला श्वसन है। इस क्रिया में भोजन का अपूर्ण आक्सीकरण होता है। जन्तुओं में इस क्रिया के फलस्वरूप कार्बन डाई-आक्साइड तथा लैक्टिक अम्ल का निर्माण होता है तथा पौधों में कार्बन डाई-आक्साइड तथा इथाइल अल्कोहल बनता है एवं बहुत कम मात्रा में ऊर्जा मुक्त होती है। इस प्रकार का श्वसन कुछ निम्न श्रेणी के पौधों, यीस्ट, जीवाणु, एवं अन्तः परजीवी जन्तुओं जैसे गोलकृमि, फीताकृमि, मोनोसिस्टिस इत्यादि में होता है। कुछ विशेष परिस्थितियों में उच्च श्रेणी के जन्तुओं, पौधों के ऊतकों, बीजों, रसदार फलों आदि में भी आक्सीजन की अनुपस्थिति में होता है। मनुष्यों या उच्च श्रेणी के जीवों की माँसपेशियों के थकने की अवस्था में यह श्वसन होता है। जिन जीवधारियों में यह श्वसन होता है उसे एनएरोब्स कहते हैं।

C6H12O6→2CH3CH2OH+2CO2 +118 किलो जूल ऊर्जा


प्रकाश संश्लेषण और श्वसन की क्रिया में क्या अंतर है


प्रकाश संश्लेषण और श्वसन की क्रिया में क्या अंतर है


Difference between Photosynthesis and Respiration



  • प्रकाश संश्लेषण क्रिया केवल पौधे की पर्णहरितयुक्त कोशिकाओं में होती है जबकि श्वसन की क्रिया सभी जीवित कोशिकाओं में होती है।

  • प्रकाश संश्लेषण की क्रिया सूर्य प्रकाश में अर्थात दिन के समय संपन्न होती है जबकि श्वसन की क्रिया हमेशा अर्थात दिन और रात दोनों में होती है।

  • प्रकाश संश्लेषण में भोजन का संश्लेषण होता है जबकि श्वसन में भोजन का ऑक्सीकरण होता है।

  • प्रकाश संश्लेषण की क्रिया में ऊर्जा भोजन के रूप में संगृहीत होती है जबकि श्वसन में भोजन से ऊर्जा मुक्त होती है।

  • प्रकाश संश्लेषण की क्रिया में कार्बन डाइऑक्साइड का अवशोषण होता है और ऑक्सीजन मुक्त होती है ठीक इसके विपरीत श्वसन की क्रिया में ऑक्सीजन ग्रहण किया जाता है और कार्बन डाइऑक्साइड मुक्त किया जाता है।


  • प्रकाश संश्लेषण एक उपचय अर्थात anabolic क्रिया है जबकि श्वसन एक अपचय अर्थात Catabolic क्रिया है।

  • प्रकाश संश्लेषण रचनात्मक क्रिया है जबकि श्वसन एक विनाशकारी क्रिया है।

  • प्रकाश संश्लेषण की क्रिया के पश्चात् जीव के भार में वृद्धि होती है जबकि श्वसन की क्रिया के पश्चात जीव के भार में कमी होती है।

  • प्रकाश संश्लेषण की क्रिया में सूर्य के विकिरण ऊर्जा पोटेंशियल ऊर्जा में परिवर्तित होती है जबकि श्वसन में पोटेंशियल ऊर्जा काइनेटिक यानि गतिज ऊर्जा में परिवर्तित होती है।


Conclusion

प्रकाश संश्लेषण और श्वसन दोनों ही क्रियाएं सजीवों के अस्तित्व के लिए महत्वपूर्ण और अनिवार्य क्रियाएं हैं।इन क्रियाओं में प्रकाश संश्लेषण जहाँ सभी जीवों के भोजन और वायु के शुद्धिकरण का उत्तरदायी है वहीँ श्वसन की क्रिया इस भोजन के ऑक्सीकरण तथा ऊर्जा प्राप्ति का जरिया है। प्रकाश संश्लेषण एक रचनात्मक अभिक्रिया है वहीँ श्वसन एक विनाशकारी अभिक्रिया है।

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2 टिप्पणियाँ

  1. आपके बेवसाईट पर दी गई जानकारी बहुत ही महत्व पूर्ण एवं उपयोगी हैं
    Priyanka Tiwari
    ravishankar4001@gmail.com
    www.gyanitechnews.com

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