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स्टेशन, हाल्ट स्टेशन, जंक्शन स्टेशन, टर्मिनस, कैंट और सेंट्रल स्टेशन में क्या अंतर है ?



स्टेशन, हाल्ट स्टेशन, जंक्शन स्टेशन, टर्मिनस, कैंट और सेंट्रल स्टेशन में क्या अंतर है ?


सही मायने में भारत की लाइफ लाइन किसी को कहा जाए तो वो भारत की रेलवे है। यह पुरे भारत को जोड़ती है। भारत की अर्थव्यवस्था में रेलवे का बहुत बड़ा योगदान है। करीब दो करोड़ से अधिक लोग प्रतिदिन भारतीय रेल से सफर करते हैं। दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है अपना। इस पुरे रेल नेटवर्क में रेलवे स्टेशनों की बड़ी भूमिका है। इन्ही स्टेशनों के माध्यम से यात्री, माल तथा अन्य सामानों का आवागमन होता है। भारत में करीब 7325 रेलवे स्टेशन हैं। स्टेशन भी कई तरह के होते हैं जैसे स्टेशन, हाल्ट, जंक्शन स्टेशन, टर्मिनस आदि। आइये देखते हैं स्टेशनों के इन प्रकारों को विस्तार से और जानते हैं इन स्टेशनों के वर्गीकरण के पीछे क्या कारण होते हैं।


स्टेशन या रेलवे स्टेशन किसे कहते हैं ?

ट्रेनों के रुकने के स्थान को स्टेशन कहा जाता है। स्टेशन यात्रियों को ट्रैन पकड़ने और ट्रैन से उतरने के लिए या डाक पार्सल के ट्रैन में चढाने और उतारने के लिए होता है। हर स्टेशन पर इसके लिए प्लेटफार्म बने होते हैं। सामान्यतः स्टेशनों पर ट्रेनों का संचालन दो दिशाओं में होता है अर्थात ट्रेन एक तरफ से आती है और दूसरी तरफ से जाती है। प्रायः हर स्टेशन पर एक से अधिक ट्रैक होते हैं। स्टेशन रेलवे नेटवर्क का एक महत्वपूर्ण और अनिवार्य हिस्सा होते हैं।   




स्टेशन, हाल्ट स्टेशन, जंक्शन स्टेशन, टर्मिनस, कैंट और सेंट्रल स्टेशन में क्या अंतर है ?








हाल्ट स्टेशन क्या होता है ?

भारत गावों का देश है। यहाँ की अधिकांश आबादी गावों में रहती है। ऐसे में गावों को रेल से जोड़ने के लिए रेल मार्ग पर छोटे छोटे ठहराव बनाये गए हैं। इन ठहरावों को हाल्ट या हाल्ट स्टेशन बोला जाता है। ये हाल्ट प्रायः दो स्टेशनों के बीच बनाये जाते हैं। हाल्ट स्टेशनों पर केवल पैसेंजर या लोकल ट्रेनें रूकती हैं। हाल्ट स्टेशनों पर ट्रेनों के ट्रैक चेंज करने की सुविधा नहीं होती है। पनियरा हाल्ट, नायकडीह हाल्ट, सिधारी हाल्ट आदि कुछ ऐसे ही हाल्ट स्टेशन हैं।


कुछ स्टेशनों के नाम के साथ रोड क्यों लगा होता है ?

कई बार हमें कुछ ऐसे रेलवे स्टेशनों के नाम देखने को मिलते हैं जिनके अंत में "रोड" लगा होता है उदाहरण के लिए भभुआ रोड, नासिक रोड, बिलासपुर रोड आदि। ऐसे स्टेशनों के नाम के साथ "रोड" शब्द लगाने की एक ख़ास वजह होती है। कई बार ऐसा होता है कि रेलवे लाइन मुख्य शहर से न गुजरकर शहर के बाहरी भाग से या शहर से दूर किसी हिस्से से गुजरती है। ऐसी स्थिति में वहां पड़ने वाले स्टेशन का नाम उस गांव के नाम पर रख दिया जाता है और इसके साथ "रोड" लगा दिया जाता है। इस तरह ये स्टेशन उस पास वाले शहर का प्रतिनिधित्व करता है और वहां के निवासियों के लिए रेल सुविधा प्रदान करता है। 

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जंक्शन स्टेशन किसे कहते हैं ?

भारत में सबसे बड़ा जंक्शन स्टेशन कौन है ?


रेल से यात्रा करते समय आपने कई बार ध्यान दिया होगा कुछ स्टेशनों के नाम के साथ "जंक्शन" शब्द लगा रहता है। जंक्शन स्टेशन अन्य स्टेशनों से कुछ अलग होते हैं। जिन स्टेशनों के नाम के साथ जंक्शन लगा होता है वहाँ दो रूट के अतिरिक्त कम से कम एक और रूट जुड़ा होता है अर्थात जंक्शन स्टेशन पर कम से कम तीन तरफ से ट्रेनों का आवागमन होता है। अमूमन हर स्टेशन पर ट्रेने एक तरफ से आती हैं और दूसरी ओर जाती हैं किन्तु जंक्शन स्टेशन पर इन दो रूटों के अलावा एक या अधिक अन्य रूट भी होते हैं जो अन्य शहरों को जोड़ते हैं। सरल शब्दों में, स्टेशन में प्रवेश करने वाली ट्रेनों के प्रस्थान के लिए कम से कम 2 अलग-अलग मार्ग होने चाहिए। जंक्शन स्टेशन अन्य स्टेशनों की तुलना में बड़े तथा अधिक सुविधा संपन्न होते हैं। इन स्टेशनों पर प्लेटफॉर्मों की संख्या भी अधिक होती है। किन्तु यह हमेशा आवश्यक नहीं है। वैसे तो भारत में हजारों जंक्शन स्टेशन हैं पर कुछ महत्वपूर्ण जंक्शनों में मथुरा जंक्शन, अलीगढ जंक्शन, बरेली जंक्शन, जयपुर जंक्शन, सालेम जंक्शन आदि हैं । मथुरा जंक्शन भारत का सबसे बड़ा जंक्शन स्टेशन है यहाँ सात रूट मिलते हैं।


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टर्मिनस या टर्मिनल स्टेशन किसे कहते हैं

क्या आप जानते हैं किसी स्टेशन को टर्मिनस या टर्मिनल कब कहा जाता है ? भारत में कई स्टेशनों के नाम के साथ टर्मिनस या टर्मिनल लगा रहता है जैसे छत्रपति शिवजी टर्मिनस, आनंदविहार टर्मिनस, हाबड़ा टर्मिनस, लोकमान्य तिलक टर्मिनस आदि। इन स्टेशनों के नाम के साथ टर्मिनस क्यों लगा होता है और ये स्टेशन अन्य स्टेशनों से कैसे अलग होते हैं ? किसी स्टेशन को टर्मिनस तब कहा जाता है जब उस स्टेशन पर ट्रैन केवल एक ही दिशा में आवागमन करती है। इन स्टेशनों पर ट्रेनों का आखरी पड़ाव होता है और ट्रेनें फिर से वापस लौट जाती हैं। इन स्टेशनों पर आकर रेलवे लाइन समाप्त हो जाती हैं अर्थात आगे नहीं जाती हैं। टर्मिनस अंग्रेजी शब्द टर्मिनेट से बना है जिसका अर्थ समाप्त करना होता है। रेलवे लाइन जिस ओर समाप्त होती हैं उस ओर सारे प्लेटफार्म जुड़े होते हैं और उस ओर यात्रियों के बाहर निकलने और अंदर आने का मुख्य द्वार होता है। इसी तरफ टिकट खिड़की तथा पूछताछ केंद्र आदि होते हैं।


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कैंट या छावनी रेलवे स्टेशन कब बनाये जाते हैं

वाराणसी को वाराणसी कैंट क्यों कहा जाता है ?

कैंट या छावनी स्टेशन वे स्टेशन होते हैं जो किसी शहर के कैंट क्षेत्र में होते हैं। कैंट किसी शहर का एक क्षेत्र होता है जहां सेना या सशस्त्र बलों को तैनात किया जाता है। 'छावनी' शब्द का अर्थ एक बड़े सैन्य प्रतिष्ठान से है।भारतीय रेलवे का अधिकांश हिस्सा ब्रिटिश राज के अधीन बनाया गया था। ब्रिटिश राज के समय, रेलगाड़ियाँ परिवहन के लिए उपलब्ध साधनों में से एक थीं जिससे सेना रसद, यूनिट ट्रांसफर, ट्रूप मूवमेंट आदि जरूरतों के लिए प्रयोग करती थी। अतः जिन शहरों में सेना की छावनी या कैंटोनमेंट होती थी वहां विशेष रूप से सैन्य प्रयोग के लिए रेलवे स्टेशन को बनाया जाता था। और उन स्टेशनों को कैंट या छावनी बोला जाता था। हालाँकि ये स्टेशन आम जनता के लिए भी होते थें। आज के समय में ये स्टेशन मुख्य रूप से आम जनता के लिए ही प्रयोग हो रहे हैं। भारत में कुछ मुख्य कैंट स्टेशन आगरा कैंट,
पठानकोट, दिल्ली, वाराणसी आदि हैं। कई बार कैंट स्टेशन बड़े जंक्शन स्टेशन भी होते हैं। ऐसी स्थिति में स्टेशनों के नाम के साथ कैंट न लिख कर जंक्शन ही लिखा जाता है। वाराणसी कैंट, प्रयागराज कैंट स्टेशनों को क्रमशः वाराणसी जंक्शन और प्रयागराज जंक्शन लिखा जाता है।


सेंट्रल स्टेशन क्या होता है ?


भारत में कितने सेंट्रल स्टेशन हैं ?


क्या आप जानते हैं कि किन रेलवे स्टेशनों को सेंट्रल स्टेशन कहा जाता है? सेंट्रल स्टेशन किसी शहर का सबसे व्यस्त और सबसे महत्वपूर्ण स्टेशन होता है, जिसमें कई स्टेशन होते हैं। प्रायः यह शहर का सबसे पुराना स्टेशन होता है। ये स्टेशन बहुत बड़े होते हैं और देश के हर रूट के लिए ट्रेनों का आवागमन यहाँ से होता है। उन्नीसवीं सदी के उत्तरार्ध में ऐसे स्टेशनों को शहर के बाहरी हिस्से में बनाया गया जो कि शहर के विकास के साथ मुख्य शहर का हिस्सा हो गए। शुरू शुरू में जब किसी शहर में कई स्टेशन होते थे तो उस शहर के सबसे मुख्य और व्यस्ततम स्टेशन को जहाँ से लगभग हर जगह के लिए ट्रेनें उपलब्ध होती थीं, सेंट्रल स्टेशन का नाम दिया गया। किन्तु अब ऐसा नहीं है। भारत में कुल पांच सेंट्रल स्टेशन हैं।


स्टेशन, हाल्ट स्टेशन, जंक्शन स्टेशन, टर्मिनस, कैंट और सेंट्रल स्टेशन में क्या अंतर है ?













      • Mumbai Central (BCT)
      • Kanpur Central (CNB)
      • Chennai Central (MAS)
      • Mangalore Central (MAQ)
      • Trivandrum Central (TVC)


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